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निदान के लिए समस्याओं का पहचान आवश्यक
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Mon, 25 Jul 2016 02:18 AM IST
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भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में हुए दो दिवसीय संभावनाएं एवं चुनौतियां विषयक कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया। कार्यशाला में देश के कई मशहूर औद्योगिक इकाईयों के विशेषज्ञों ने वर्तमान में समस्याओं और उनके समाधान पर रोशनी डालते हुए चुनौतियों का सामना करने पर जोर दिया।
वेलस्पन इंडिया लि. गुजरात के महाप्रबंधक संजीब कुमार सेन ने वर्तमान में औद्योगिक इकाईयों की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके अनुरूप उद्योगों का स्वरूप बनाने पर बल दिया। आईआईटी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा.डीके बैनवेत ने समस्याओं के समाधान के लिए पहले उनकी पहचान करने को आवश्यक बताया। कहा कि ऐसा तभी संभव होगा जब एक स्वरूप के औद्योगिक इकाइयां मिलकर समाधान ढूंढेंगी। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और प्रशिक्षण विशेषज्ञ डा.कुशल सेन ने वस्त्र प्रशिक्षण के टिप्स दिए। जबकि आईआईटी दिल्ली के वस्त्र संकाय के पूर्व विभागाध्यक्ष डा.आर चट्टोपाध्याय ने उत्पाद विकास में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने पर जोर दिया।
दो दिवसीय वर्कशाप में भदोही कालीन परिक्षेत्र के रवि पाटोदिया, राजाराम गुप्ता, आलोक बरनवाल, अविनाश चंद्र बरनवाल, शिवसागर तिवारी, अश्फाक अंसारी, रामजी मिश्र ने भी उद्योग को गति देने के संदर्भ में अपने विचार रखे। इसके पूर्व आयोजक आईआईसीटी निदेशक प्रो.केके गोस्वामी ने आए विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया। कार्यक्रम संयोजक हिमांशु महापात्रा व अनु मिश्रा की उपस्थिति के बीच निदेशक के आभार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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वेलस्पन इंडिया लि. गुजरात के महाप्रबंधक संजीब कुमार सेन ने वर्तमान में औद्योगिक इकाईयों की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके अनुरूप उद्योगों का स्वरूप बनाने पर बल दिया। आईआईटी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा.डीके बैनवेत ने समस्याओं के समाधान के लिए पहले उनकी पहचान करने को आवश्यक बताया। कहा कि ऐसा तभी संभव होगा जब एक स्वरूप के औद्योगिक इकाइयां मिलकर समाधान ढूंढेंगी। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और प्रशिक्षण विशेषज्ञ डा.कुशल सेन ने वस्त्र प्रशिक्षण के टिप्स दिए। जबकि आईआईटी दिल्ली के वस्त्र संकाय के पूर्व विभागाध्यक्ष डा.आर चट्टोपाध्याय ने उत्पाद विकास में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने पर जोर दिया।
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दो दिवसीय वर्कशाप में भदोही कालीन परिक्षेत्र के रवि पाटोदिया, राजाराम गुप्ता, आलोक बरनवाल, अविनाश चंद्र बरनवाल, शिवसागर तिवारी, अश्फाक अंसारी, रामजी मिश्र ने भी उद्योग को गति देने के संदर्भ में अपने विचार रखे। इसके पूर्व आयोजक आईआईसीटी निदेशक प्रो.केके गोस्वामी ने आए विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया। कार्यक्रम संयोजक हिमांशु महापात्रा व अनु मिश्रा की उपस्थिति के बीच निदेशक के आभार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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