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Bhadohi News: कालीन नगरी में दो साल में 5.22 फीसदी बढ़ी हरियाली
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ज्ञानपुर। जिले में बीते दो सालों में 5.22 फीसदी हरियाली बढ़ी है। वन विभाग समेत अन्य विभागों की ओर से किए जा रहे पौधरोपण से जिले में हरियाली का दायरा साल दर साल बढ़ रहा है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में भदोही में हरियाली 5.22 फीसदी बढ़ी है।
इससे पर्यावरण पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा है। जिले में हर साल वन विभाग समेत 25 विभागों के समन्वय से लाखों पौधे रोपित किए जाते हैं। बीते तीन सालों में 35 लाख पौधे जिले में रोपित किए गए हैं। वन विभाग को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी विभागों के 80 फीसदी पौधे या तो सूख जाते हैं या फिर पशुओं की बली चढ़ जाते हैं। वन विभाग का दावा है कि उसके 90 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। विभागीय प्रयासों की देन है कि बीते तीन सालों में हर साल जनपद में वृक्षावरण का दायरा बढ़ रहा है। फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट हर दो साल पर जारी होती है। साल 2019 में जनपद में वृक्षावरण का दायरा जहां 3.12 फीसदी था।
वहीं 2021 में बढ़कर 3.71 फीसदी हो गया। साल 2023 में वृक्षावरण 5.22 हो चुका है। साल 2025 की रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है, लेकिन विभाग का दावा है कि इस बार भी जनपद का वृक्षावरण बेहतर हुआ है। वन विभाग का मानना है कि अगर पौधों की बेहतर देखभाल की जाए तो एक बार लगने के बाद वे खुद अपने आप को सिंचिंत करते हैं। इससे पर्यावरण संतुलित रहता है। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि जनपद का वृक्षावरण बढ़ा है।
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जनपद का वन क्षेत्र शून्य है, इसलिए वनावरण तो नहीं, वृक्षावरण में हर साल सुधार हो रहा है। हर साल लाखों पौधे रोपित हो रहे हैं। इसका असर भी कहीं न कहीं वृक्षावरण पर दिख रहा है। पांच जून को वृहद पौधरोपण होगा। इसमें लाखों पौधेरोपित किए जाएंगे।
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इससे पर्यावरण पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा है। जिले में हर साल वन विभाग समेत 25 विभागों के समन्वय से लाखों पौधे रोपित किए जाते हैं। बीते तीन सालों में 35 लाख पौधे जिले में रोपित किए गए हैं। वन विभाग को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी विभागों के 80 फीसदी पौधे या तो सूख जाते हैं या फिर पशुओं की बली चढ़ जाते हैं। वन विभाग का दावा है कि उसके 90 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं। विभागीय प्रयासों की देन है कि बीते तीन सालों में हर साल जनपद में वृक्षावरण का दायरा बढ़ रहा है। फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट हर दो साल पर जारी होती है। साल 2019 में जनपद में वृक्षावरण का दायरा जहां 3.12 फीसदी था।
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वहीं 2021 में बढ़कर 3.71 फीसदी हो गया। साल 2023 में वृक्षावरण 5.22 हो चुका है। साल 2025 की रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है, लेकिन विभाग का दावा है कि इस बार भी जनपद का वृक्षावरण बेहतर हुआ है। वन विभाग का मानना है कि अगर पौधों की बेहतर देखभाल की जाए तो एक बार लगने के बाद वे खुद अपने आप को सिंचिंत करते हैं। इससे पर्यावरण संतुलित रहता है। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि जनपद का वृक्षावरण बढ़ा है।
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जनपद का वन क्षेत्र शून्य है, इसलिए वनावरण तो नहीं, वृक्षावरण में हर साल सुधार हो रहा है। हर साल लाखों पौधे रोपित हो रहे हैं। इसका असर भी कहीं न कहीं वृक्षावरण पर दिख रहा है। पांच जून को वृहद पौधरोपण होगा। इसमें लाखों पौधेरोपित किए जाएंगे।