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र गली-हर मोहल्ले में मौत का खेल
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ज्ञानपुर। मऊ के वलीदपुर में सोमवार की सुबह सिलिंडर फटने से 11 लोगों की मौत ने जिले के लोगों को भी झकझोर दिया है। हादसों के बाद भले ही अफसर संजीदा होते हैं लेकिन कुछ दिन बाद सब शांत हो जाते हैं। नगर में भी हर गली और हर मोहल्ले में यह मौत का खेल हो रहा है। एलपीजी गैस रिफलिंग का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कुछ लोग मध्य बाजार में अवैध तरीके से रिफलिंग की दुकान खोले बैठे हैं तो कुछ लोग घरों पर बैठकर कारों में गैस भर रहे हैं। अफसर भी जानते हुए अनजान बने हैं।
जिला मुख्यालय पर वर्षों से खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर जिला पूर्ति विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर में गैस रिफलिंग का यह अवैध कारोबार कहीं चोरी-छिपे या फिर दूरदराज के इलाकों में ही नहीं चल रहा है, बल्कि घनी आबादी वाले मुहल्लों संग बीच मार्केट में हजारों लोगों की जान को जोखिम में डालकर खुले आम चल रहा है। अन्य घरेलू एलपीजी घरेलू सिलिंडरों की तरह पांच किलो गैस वाला छोटा सिलिंडर भी गैस एजेंसियों से ही मिलता है। लेकिन एजेंसियों के चक्कर लगाने से बचने और समय बचाने के लिए लोग बाजार में दुकानों पर बिक रहे छोटे सिलिंडराें को बाजार सेे खरीद लेते हैं और जब सिलिंडर खाली हो जाता है तो इन्हीं दुकानदारों से गैस रिफिलिंग भी करा लेते हैं। दुकानदारों को एक छोटा सिलिंडर रिफिल करने में करीब 50 रुपये का फायदा हो जाता है। इसी तरह कारों में भी गैस रिफलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिला मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ञानपुर ही नहीं भदोही, मोढ़, सुरियावां, गोपीगंज, औराई में भी यह धड़्ल्ले से हो रहा है। चाट, फुल्की समेत अन्य दुकानों पर भी मानक को दरकिनार कर गैस पर काम होता है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
लखनों हादसे की याद हुई ताजा
ज्ञानपुर। बीच आबादी में हो रही गैस रिफलिंग के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मऊ की घटना ने एक बार फिर लखनों के वैन हादसे और बैदा में सिलिंडर विस्फोट की घटना की याद को ताजा कर दी। वैन हादसे में तीन बच्चों की जलने से मौत हो गई थी जबकि कई बच्चों के चेहरे आदि खराब हो गए। बैदा खास में दो मंजिला मकान ढहने से एक युवक की मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बाद अधिकारी सक्रिय हुए, लेकिन बाद में मामला ठंडा हो गया।
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अभियान चलाकर करेंगे कार्रवाई
ज्ञानपुर। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने कहा कि गैस रिफलिंग का कारोबार पूरी तरह अवैध है। तहसीलों के पूर्ति निरीक्षकों से रिपोर्ट लेकर ऐसे दुकानों को बंद कराया जाएगा।
इन बातों का रखे ध्यान
ज्ञानपुर गैस सिलिंडर को बंद कमरे में न रखें। सिलिंडर को हमेशा खुले में या फिर ऐसे कमरे में रखे जिसमे खिड़की और दरवाजे खुले हों। सिलिंडर को जिस जगह पर रखें वहां पर इतनी जगह होने चाहिए कि प्रेशर रेगुलेटर का नॉब और रबर की ट्यूब को हिलाने में परेशानी न हो। इसके अलावा सिलिंडर को हमेशा सीधा खड़ा रखें और उसके वाल्व को ऊपर की तरफ ही रखें।
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जिला मुख्यालय पर वर्षों से खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर जिला पूर्ति विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर में गैस रिफलिंग का यह अवैध कारोबार कहीं चोरी-छिपे या फिर दूरदराज के इलाकों में ही नहीं चल रहा है, बल्कि घनी आबादी वाले मुहल्लों संग बीच मार्केट में हजारों लोगों की जान को जोखिम में डालकर खुले आम चल रहा है। अन्य घरेलू एलपीजी घरेलू सिलिंडरों की तरह पांच किलो गैस वाला छोटा सिलिंडर भी गैस एजेंसियों से ही मिलता है। लेकिन एजेंसियों के चक्कर लगाने से बचने और समय बचाने के लिए लोग बाजार में दुकानों पर बिक रहे छोटे सिलिंडराें को बाजार सेे खरीद लेते हैं और जब सिलिंडर खाली हो जाता है तो इन्हीं दुकानदारों से गैस रिफिलिंग भी करा लेते हैं। दुकानदारों को एक छोटा सिलिंडर रिफिल करने में करीब 50 रुपये का फायदा हो जाता है। इसी तरह कारों में भी गैस रिफलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिला मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ञानपुर ही नहीं भदोही, मोढ़, सुरियावां, गोपीगंज, औराई में भी यह धड़्ल्ले से हो रहा है। चाट, फुल्की समेत अन्य दुकानों पर भी मानक को दरकिनार कर गैस पर काम होता है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
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लखनों हादसे की याद हुई ताजा
ज्ञानपुर। बीच आबादी में हो रही गैस रिफलिंग के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मऊ की घटना ने एक बार फिर लखनों के वैन हादसे और बैदा में सिलिंडर विस्फोट की घटना की याद को ताजा कर दी। वैन हादसे में तीन बच्चों की जलने से मौत हो गई थी जबकि कई बच्चों के चेहरे आदि खराब हो गए। बैदा खास में दो मंजिला मकान ढहने से एक युवक की मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बाद अधिकारी सक्रिय हुए, लेकिन बाद में मामला ठंडा हो गया।
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अभियान चलाकर करेंगे कार्रवाई
ज्ञानपुर। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने कहा कि गैस रिफलिंग का कारोबार पूरी तरह अवैध है। तहसीलों के पूर्ति निरीक्षकों से रिपोर्ट लेकर ऐसे दुकानों को बंद कराया जाएगा।
इन बातों का रखे ध्यान
ज्ञानपुर गैस सिलिंडर को बंद कमरे में न रखें। सिलिंडर को हमेशा खुले में या फिर ऐसे कमरे में रखे जिसमे खिड़की और दरवाजे खुले हों। सिलिंडर को जिस जगह पर रखें वहां पर इतनी जगह होने चाहिए कि प्रेशर रेगुलेटर का नॉब और रबर की ट्यूब को हिलाने में परेशानी न हो। इसके अलावा सिलिंडर को हमेशा सीधा खड़ा रखें और उसके वाल्व को ऊपर की तरफ ही रखें।