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पैमाइश के इंतजार में लटका कूड़ा निस्तारण केंद्र
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शासन स्तर से घर-घर कूड़ा कलेक्शन करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश के तहत नगर निकाय क्षेत्र में ही कूड़ा निस्तारण के लिए ठोस इंतजाम किया जाना था। कालीन नगरी भदोही जिले के नगरीय क्षेत्रों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस नीति भी बनी, लेकिन उसका क्रियान्वयन ठीक ढंग से नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र के निर्माण के लिए भदोही नगर पालिका क्षेत्र में जमीन तो मिल गई है, धनराशि भी मिल गई है, लेकिन जमीन की पैमाइश नहीं होने के कारण काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। यही स्थिति आगे भी बनी रही तो इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार हो पाना मुश्किल है। नगर निकाय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाये जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के जरिए प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी जा चुकी है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए जमीन कहां पर है, इसकी जानकारी कार्यदायी संस्था को नहीं है। ज्ञात हो, जिले के पांच नगर पंचायतों और दो नगर पालिका क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 55 टन कूड़ा निकलता है। इतनी ही क्षमता का कूड़ा निस्तारण केंद्र भदोही में बनाने की योजना प्रस्तावित है। भदोही के पिपरीस में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। लगभग पांच करोड़ की लागत से चार हेक्टेयर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने की योजना प्रस्तावित है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को निस्तारण केंद्र बनाने के लिए लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता ने बताया कि जहां कूड़ा निस्तारण केंद्र बनेगा, उस जमीन की अभी पैमाइश नहीं हो सकी है। हम जल्द ही प्रशासन के सहयोग से जमीन की पैमाइश करा कर कार्य शुरू करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम गौरव सोनकर का कहना है कि कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उसे बनाने के लिए सीएंडडीएस को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अवर अभियंता चंदन कुमार का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र भदोही के पिपरीस में बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन मिली है, लेकिन अभी जमीन की पैमाइश नहीं हो सकी है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
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कूड़ा निस्तारण केंद्र के निर्माण के लिए भदोही नगर पालिका क्षेत्र में जमीन तो मिल गई है, धनराशि भी मिल गई है, लेकिन जमीन की पैमाइश नहीं होने के कारण काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। यही स्थिति आगे भी बनी रही तो इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार हो पाना मुश्किल है। नगर निकाय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाये जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के जरिए प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी जा चुकी है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए जमीन कहां पर है, इसकी जानकारी कार्यदायी संस्था को नहीं है। ज्ञात हो, जिले के पांच नगर पंचायतों और दो नगर पालिका क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 55 टन कूड़ा निकलता है। इतनी ही क्षमता का कूड़ा निस्तारण केंद्र भदोही में बनाने की योजना प्रस्तावित है। भदोही के पिपरीस में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। लगभग पांच करोड़ की लागत से चार हेक्टेयर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने की योजना प्रस्तावित है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को निस्तारण केंद्र बनाने के लिए लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता ने बताया कि जहां कूड़ा निस्तारण केंद्र बनेगा, उस जमीन की अभी पैमाइश नहीं हो सकी है। हम जल्द ही प्रशासन के सहयोग से जमीन की पैमाइश करा कर कार्य शुरू करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम गौरव सोनकर का कहना है कि कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उसे बनाने के लिए सीएंडडीएस को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अवर अभियंता चंदन कुमार का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र भदोही के पिपरीस में बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन मिली है, लेकिन अभी जमीन की पैमाइश नहीं हो सकी है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
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