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पांच दिन में तीन मीटर से ज्यादा बढ़ा गंगा का जलस्तर
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सीतामढ़ी। गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। 3.6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर शुक्रवार की दोपहर में ही 73.430 मीटर पहुंच गया। जबकि पांच दिन पहले इससे करीब तीन मीटर से ज्यादा जलस्तर कम था। बढ़ते जलस्तर को देखकर आस-पास के गांवों के किसान चिंतित होने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो तीन-चार दिनों के भीतर कटान शुरू हो जाएगी। इससे किसानों का भारी नुकसान होगा।
आस-पास गांवों के लोगों की मानें तो गंगा का पानी घाटों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिले में गंगा बाढ़ और कटान की दृष्टि से कोनिया क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के कई गांवों के किसान गंगा कटान दंश झेल रहे हैं। हालांकि छेछुआ और भुर्रा गांव में गंगा कटान रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर कटान वाले क्षेत्रों में जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर लगवाया है, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह सफल नहीं हुई। केंद्रीय जल आयोग ने जिले के सीतामढ़ी में मीटर गेज कार्यालय की स्थापना कर रखा है, ताकि बाढ़ की स्थिति और जल स्तर का सटीक अपडेट मिलता रहे। सिंचाई विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो महज 24 घंटे में ही जल स्तर में लगभग 87 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। बृहस्पतिवार को गंगा का जल स्तर 72.560 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 73.430 मीटर पार कर गया। हालांकि अभी किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं हैं। उधर, बाढ़ का पानी गंगा घाटों पर हिलोरे मारने लगा है। गंगा बाढ़ देखने के लिए सुबह शाम गंगा घाटों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
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आस-पास गांवों के लोगों की मानें तो गंगा का पानी घाटों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिले में गंगा बाढ़ और कटान की दृष्टि से कोनिया क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के कई गांवों के किसान गंगा कटान दंश झेल रहे हैं। हालांकि छेछुआ और भुर्रा गांव में गंगा कटान रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर कटान वाले क्षेत्रों में जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर लगवाया है, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह सफल नहीं हुई। केंद्रीय जल आयोग ने जिले के सीतामढ़ी में मीटर गेज कार्यालय की स्थापना कर रखा है, ताकि बाढ़ की स्थिति और जल स्तर का सटीक अपडेट मिलता रहे। सिंचाई विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो महज 24 घंटे में ही जल स्तर में लगभग 87 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। बृहस्पतिवार को गंगा का जल स्तर 72.560 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 73.430 मीटर पार कर गया। हालांकि अभी किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं हैं। उधर, बाढ़ का पानी गंगा घाटों पर हिलोरे मारने लगा है। गंगा बाढ़ देखने के लिए सुबह शाम गंगा घाटों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
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