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कॉर्डधारकों में नहीं बंटा मुफ्त राशन
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कुछ कॉर्डधारकों ने नि:शुल्क योजना का लाभ नहीं मिलने पर डीएम से शिकायत की है। कॉर्डधारकों ने शिकायत की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
डीघ ब्लॉक के दरवांसी निवासी शिकायतकर्ता निर्भय सिंह ने आरोप लगाया है कि जिले में 730 कोटे की दुकानों से लगभग सवा तीन लाख कॉर्डधारकों को नि:शुल्क और सशुल्क लाभ मिलता है। महामारी के कारण छह माह से हर महीने दो चरणों में प्रति यूनिट पांच किलोग्राम गेहूं-चावल, प्रति कॉर्ड एक किलोग्राम चना, नमक, रिफाइंड तेल वितरित किया जा रहा है। मार्च के प्रथम चरण में 28 मार्च तक वितरण की तिथि निर्धारित गई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रत्येक कोटे की दुकान से लगभग 20-30 लाभार्थी योजना के लाभ वंचित रह गए हैं। कोटेदारों का कहना है कि खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से पांच फीसदी राशन और खाद्य सामान कम देने के कारण शत प्रतिशत वितरण सुनिश्चित नहीं हो रहा है। कोटेदार सुभाषनगर-कलापुर रामराज ने कहा कि कॉर्डधारक सुबह से ही दुकान पर डटे रहे। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉक गोदाम पर आने वाले कोटेदारों को चालान रसीद के मुताबिक सामान का उठान दिया गया है। मार्च के दूसरे चरण में जिन कोटे की दुकानों पर सामान बचे हैं, उतना बैलेंस रहेगा और कम राशन पाने वाले कोटेदारों को पूर्ति कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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डीघ ब्लॉक के दरवांसी निवासी शिकायतकर्ता निर्भय सिंह ने आरोप लगाया है कि जिले में 730 कोटे की दुकानों से लगभग सवा तीन लाख कॉर्डधारकों को नि:शुल्क और सशुल्क लाभ मिलता है। महामारी के कारण छह माह से हर महीने दो चरणों में प्रति यूनिट पांच किलोग्राम गेहूं-चावल, प्रति कॉर्ड एक किलोग्राम चना, नमक, रिफाइंड तेल वितरित किया जा रहा है। मार्च के प्रथम चरण में 28 मार्च तक वितरण की तिथि निर्धारित गई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रत्येक कोटे की दुकान से लगभग 20-30 लाभार्थी योजना के लाभ वंचित रह गए हैं। कोटेदारों का कहना है कि खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से पांच फीसदी राशन और खाद्य सामान कम देने के कारण शत प्रतिशत वितरण सुनिश्चित नहीं हो रहा है। कोटेदार सुभाषनगर-कलापुर रामराज ने कहा कि कॉर्डधारक सुबह से ही दुकान पर डटे रहे। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉक गोदाम पर आने वाले कोटेदारों को चालान रसीद के मुताबिक सामान का उठान दिया गया है। मार्च के दूसरे चरण में जिन कोटे की दुकानों पर सामान बचे हैं, उतना बैलेंस रहेगा और कम राशन पाने वाले कोटेदारों को पूर्ति कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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