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एसडीएम अदालत के फर्जी आदेश मामले में 5 पर केस
bhadohi hindi news
Updated Fri, 08 Jul 2016 01:39 AM IST
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तहसील क्षेत्र के हरियांव ज्ञानपुर रोड पर कतिपय लोगों द्वारा साजिश कर उपजिलाधिकारी न्यायालय से फर्जी आदेश कराकर जमीन हड़पने के प्रयास के मामले में बुधवार की रात कोतवाली पुलिस ने तहसीलदार के पेशकार समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
गत माह 12 जून को पूर्व एसडीएम आशाराम ने मामले का खुलासा करते हुए अपने फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी आदेश कराने के मामले से जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु को अवगत कराया था। मुकदमे में कहा गया है कि 12 जून को मामले की रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने पहले एडीएम हरीलाल यादव से जांच आख्या मांगी। इसमें एडीएम ने प्रथम दृष्टया संबद्ध अहलमद एवं लाभान्वित पक्ष को दोषी मानते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की सिफारिश की। हलांकि उन्होंने यह भी लिखा कि तत्कालीन तहसीलदार का बयान है कि 24 जुलाई 2014 की उनकी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं और जो हस्ताक्षर हैं वे फर्जी हैं साथ ही पत्रावली का आदान प्रदान भी किसी रजिस्टर में दर्ज नहीं है और पत्रावली मिसिलबंद रजिस्टर में अंकित किए बिना वाद का चलते रहना भी विधि विरुद्ध है। इसको देखते हुए भदोही एसडीएम के पूर्व पेशकार सुनील सिंह, आंशूलिपिक बलवंत सिंह और तहसीलदार के पेशकार विश्वनाथ यादव का भी दोष प्रतीत होता है जिनसे स्पष्टीकरण मांगना आवश्यक बताया था।
एडीएम की आख्या मिलते ही डीएम ने ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी से 6 जुलाई को ही रिपोर्ट मांगी। इसके बाद 6 जुलाई को ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। इस पर एसडीएम भदोही रामजी लाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक परमहंस मिश्रा ने बताया कि पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शहर कोतवाल को सौंप दी गई है।
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गत माह 12 जून को पूर्व एसडीएम आशाराम ने मामले का खुलासा करते हुए अपने फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी आदेश कराने के मामले से जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु को अवगत कराया था। मुकदमे में कहा गया है कि 12 जून को मामले की रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने पहले एडीएम हरीलाल यादव से जांच आख्या मांगी। इसमें एडीएम ने प्रथम दृष्टया संबद्ध अहलमद एवं लाभान्वित पक्ष को दोषी मानते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की सिफारिश की। हलांकि उन्होंने यह भी लिखा कि तत्कालीन तहसीलदार का बयान है कि 24 जुलाई 2014 की उनकी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं और जो हस्ताक्षर हैं वे फर्जी हैं साथ ही पत्रावली का आदान प्रदान भी किसी रजिस्टर में दर्ज नहीं है और पत्रावली मिसिलबंद रजिस्टर में अंकित किए बिना वाद का चलते रहना भी विधि विरुद्ध है। इसको देखते हुए भदोही एसडीएम के पूर्व पेशकार सुनील सिंह, आंशूलिपिक बलवंत सिंह और तहसीलदार के पेशकार विश्वनाथ यादव का भी दोष प्रतीत होता है जिनसे स्पष्टीकरण मांगना आवश्यक बताया था।
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एडीएम की आख्या मिलते ही डीएम ने ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी से 6 जुलाई को ही रिपोर्ट मांगी। इसके बाद 6 जुलाई को ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। इस पर एसडीएम भदोही रामजी लाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक परमहंस मिश्रा ने बताया कि पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शहर कोतवाल को सौंप दी गई है।
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