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आरक्षण के लिए निषाद समाज लामबंद
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 16 Jun 2015 12:04 AM IST
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गोरखपुर से आरक्षण को लेकर उठी चिंगारी धीरे-धीरे जिले में भी पहुंचने लगी है। सोमवार को निषाद समाज के लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आरक्षण को आगे बढ़ाने के नाम पर ढोंग कर रही है।
गोलीकांड और लाठीचार्ज में मारे गए युवकों के परिवार वालों को 50 लाख मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।
गिरजाशंकर केवट ने कहा कि 1950 से ही मझवार जाति प्रदेश की अनुसूचित जाति की श्रेणी में अंकित है, लेकिन सरकार बिंद, निषाद केवट, मछुआ समाज सहित 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं कर रही है। हक और अधिकार को लेकर गोरखपुर में पिछले दिनों समाज के लोगों ने शांति पूर्वक विरोध जताया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने गोली और लाठी चलाकर युवकों को मारा।
इसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, सरकार दस लाख का मुआवजा देकर समाज को फुसलाने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार से पचास लाख मुआवजे की मांग की। शशि प्रकाश केवट, प्रमोद कुमार बिंद ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए मुकदमें को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मिठाई लाल केवट, गिरजाशंकर, अमृत लाल, शशि प्रकाश, बिहारी लाल मनीष कुमार, मनोज, चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।
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गोलीकांड और लाठीचार्ज में मारे गए युवकों के परिवार वालों को 50 लाख मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।
गिरजाशंकर केवट ने कहा कि 1950 से ही मझवार जाति प्रदेश की अनुसूचित जाति की श्रेणी में अंकित है, लेकिन सरकार बिंद, निषाद केवट, मछुआ समाज सहित 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं कर रही है। हक और अधिकार को लेकर गोरखपुर में पिछले दिनों समाज के लोगों ने शांति पूर्वक विरोध जताया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने गोली और लाठी चलाकर युवकों को मारा।
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इसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, सरकार दस लाख का मुआवजा देकर समाज को फुसलाने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार से पचास लाख मुआवजे की मांग की। शशि प्रकाश केवट, प्रमोद कुमार बिंद ने प्रदर्शनकारियों पर लगाए मुकदमें को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मिठाई लाल केवट, गिरजाशंकर, अमृत लाल, शशि प्रकाश, बिहारी लाल मनीष कुमार, मनोज, चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।
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