{"_id":"65fea5c531bab865b00878d5","slug":"five-to-seven-years-rigorous-imprisonment-for-dowry-murder-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-110243-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: दहेज हत्या में पांच को सात साल कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: दहेज हत्या में पांच को सात साल कठोर कारावास
विज्ञापन
ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय की अदालत ने दहेज हत्या में पति और देवर समेत पांच लोगों को सात-सात वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीन साल पूर्व भदोही नगर में विवाहिता की मौत हो गी थी।
अभियोजन के मुताबिक भदोही नगर निवासी एखलाक अहमद ने आरोप लगाया था कि अपनी पुत्री दिलकुशा बानो (22) की शादी 25 मार्च 2021 को अशफाक अहमद निवासी अयोध्यापुरी कालोनी थाना भदोही के साथ किया था। उसकी बेटी जिस दिन से ससुराल गई उसके एक सप्ताह बाद ही दहेज के लिए पति अशफाक, सास सलमा, ससुर मुश्ताक, ननद इस्मत फिरदौस, देवर शोएब, वसीम प्रताड़ित करने लगे। बेटी ने टेलीफोन से मायके वालों को यह जानकारी दी थी।
परिवार के लोग ससुराल में जाकर सबको समझाया लेकिन पांच जून 2021 को शाम करीब छह बजकर 20 मिनट पर उसके ससुराल से फोन आया कि तुरंत घर आ जाइए। जब मैं पहुंचा तो देखा बेटी का शव बेड पर पड़ा था। मेरी बेटी को ससुराल वालों ने दहेज के लिए हत्या कर बेड पर सुला दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पति, ससुर, सास, ननद और एक देवर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बाद न्यायाधीश लोकेश कुमार मिश्र की अदालत ने पति अशफाक, सास सलमा, ससुर मुश्ताक, ननद इस्मत फिरदौस, देवर वसीम को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सभी को सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी एवं प्रवेश तिवारी ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक भदोही नगर निवासी एखलाक अहमद ने आरोप लगाया था कि अपनी पुत्री दिलकुशा बानो (22) की शादी 25 मार्च 2021 को अशफाक अहमद निवासी अयोध्यापुरी कालोनी थाना भदोही के साथ किया था। उसकी बेटी जिस दिन से ससुराल गई उसके एक सप्ताह बाद ही दहेज के लिए पति अशफाक, सास सलमा, ससुर मुश्ताक, ननद इस्मत फिरदौस, देवर शोएब, वसीम प्रताड़ित करने लगे। बेटी ने टेलीफोन से मायके वालों को यह जानकारी दी थी।
विज्ञापन
परिवार के लोग ससुराल में जाकर सबको समझाया लेकिन पांच जून 2021 को शाम करीब छह बजकर 20 मिनट पर उसके ससुराल से फोन आया कि तुरंत घर आ जाइए। जब मैं पहुंचा तो देखा बेटी का शव बेड पर पड़ा था। मेरी बेटी को ससुराल वालों ने दहेज के लिए हत्या कर बेड पर सुला दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पति, ससुर, सास, ननद और एक देवर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बाद न्यायाधीश लोकेश कुमार मिश्र की अदालत ने पति अशफाक, सास सलमा, ससुर मुश्ताक, ननद इस्मत फिरदौस, देवर वसीम को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सभी को सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी एवं प्रवेश तिवारी ने की।
विज्ञापन