पिता और उसके तीन पुत्रों को उम्रकैद की सजा, जानलेवा हमले मामले में अदालत ने सुनाया फैसला
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भूमि विवाद में जानलेवा हमला करने के मामले में पिता और उसके तीन पुत्रों को दोषी पाते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। लगभग चार वर्ष पुराने मामले में शुक्रवार को आए कोर्ट के इस फैसले के बाद गुनहगारों के भदोही जिले के मुक्तापुर स्थित घर पर सन्नाटा पसर गया।
औराई थानाक्षेत्र के मुक्तापुर गांव निवासी रामप्यारे विश्वकर्मा ने गांव के अरुणोदय पांडेय के भाई से जमीन रजिस्ट्री कराई थी। अरुणोदय का परिवार जमीन पर कब्जा नहीं लेने देना चाहता था। रामप्यारे विश्वकर्मा का आरोप था कि सात नवंबर 2016 को वह अपने घर के लोगों के साथ खेत में काम कर रहे थे।
तभी सुबह करीब सात बजे अरुणोदय पांडेय अपने तीन पुत्रों शशांक पांडेय, अमितेश पांडेय और आशीष पांडेय के साथ लाठी, बंदूक लेकर पहुंच गए ओर गाली देते हुए लाठी से हम लोगों को मारने-पीटने लगे। अरुणोदय पांडेय के ललकारने पर आशीष ने जान मारने की नीयत से मेरे पुत्र राकेश कुमार को गोली मार दी। इससे हम लोग घायल हो गए।
मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र भेजा, जहां गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों को सुनकर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश पांडेय और तेजबहादुर यादव ने की। उधर आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद शुक्रवार को अरुणोदय पांडेय के घर पर सन्नाटा पसरा रहा।