भदोही। केंद्र सरकार के किसान व मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर बुधवार को काला दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभिन्न मजदूर व कृषक संगठनों ने मिल कर सामूहिक रूप से काला दिवस मनाया।
उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला इकाई ने फत्तूपुर में काला झंडा लेकर सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया। दानूपुर, करियांव, कछुआ बोझ और बरदहां में भी लोगों ने काला दिवस मनाया। कार्यक्रम के तहत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि किसान आंदोलन के 6 माह व मोदी सरकार के 7 वर्ष पूरे हो गए। सरकार सिर्फ राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने में लगी हुई है। लाभ देने वाले प्रतिष्ठानों को कारपोरेट घरानों को कौड़ियों के दाम बेचा जा रहा है। कहा कि पूरा देश एक वर्ष से कोरोना व बाजार बंदी से त्रस्त हैं। अमीर और अमीर हो गए लेकिन गरीबों को जो निवाला मिल पाता था वह छिन चुका है। लोगों के घरों के चूल्हे बुझ चुके हैं लेकिन यह सरकार अपनी छवि चमकाने में लगी है। कहा सरकार महामारी से निपटने में फेल हो चुकी है। यदि समय पर आवश्यक कदम उठाए गए होते तो लोगों को आक्सीजन के अभाव में तड़प कर मरने की नौबत न आती। कार्यक्रमों में इंद्रदेव पाल, जगन्नाथ मौर्य, हृदय लाल पाल, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, धनश्याम, प्रेम बहादुर बिंद, राधेश्याम व विजय कुमार आदि मौजूद रहे।