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करंट से किसान की मौत, ग्रामीणों ने लगाया जाम
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गोपीगंज के चंद्रपुरा में करेंट से किसान की मौत के बाद जाम कर रहे ग्रामीणों को समझाती पुलिस।
- फोटो : BHADOHI
गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव में शुक्रवार की सुबह करंट की चपेट में आकर किसान रमेश यादव (58) की मौत हो गई। करंट से दो नीलगाय भी मर गईं। घटना की खबर लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विद्युत विभाग के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों को समझा बुझाकर आधे घंटे में जाम खत्म कराया।
चंद्रपुरा के ग्रामीणों ने रमेश यादव को बताया कि उसके धान के खेत में दो नीलगाय मृत पड़े हैं। यह सुनकर वह खेत को देखने के लिए गया। भोर का समय होने से वह गिरे तार को नहीं देख सका और 440 वोल्ट पर पैर रख दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने विभागीय अनदेखी पर आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं को बढ़ाने में उपकेंद्र पर अधिकारी-कर्मचारी महती भूमिका निभा रहे हैं। जबकि उक्त गांव को लालानगर उपकेंद्र से सप्लाई मिलती है। देर रात से ही तार गिरने की जानकारी होने के बाद भी न सप्लाई बंद की जा सकी न लाइनमैनों ने मौके पर पहुंच कर हकीकत देखी।
लापरवाही का परिणाम है कि दो माह में तीन दर्जन से अधिक पालतू, छुट्टा और जंगली पशु-पक्षियों की मौत करंट से हो चुकी है। जेई अभिषेक प्रजापति ने कहा कि आरोप निराधार है। सुबह छह बजे तक रोस्टर चालू रखा गया था और एलटी की चलती लाइन में तब तक जानकारी नहीं मिल पाती जब तक कोई सूचना नहीं देता। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फसल कटते ही जर्जर तारों को बदलवाने की तैयारी हो चुकी है। कोतवाल कृष्णानंद राय ने कहा कि परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है।
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चंद्रपुरा के ग्रामीणों ने रमेश यादव को बताया कि उसके धान के खेत में दो नीलगाय मृत पड़े हैं। यह सुनकर वह खेत को देखने के लिए गया। भोर का समय होने से वह गिरे तार को नहीं देख सका और 440 वोल्ट पर पैर रख दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने विभागीय अनदेखी पर आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं को बढ़ाने में उपकेंद्र पर अधिकारी-कर्मचारी महती भूमिका निभा रहे हैं। जबकि उक्त गांव को लालानगर उपकेंद्र से सप्लाई मिलती है। देर रात से ही तार गिरने की जानकारी होने के बाद भी न सप्लाई बंद की जा सकी न लाइनमैनों ने मौके पर पहुंच कर हकीकत देखी।
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लापरवाही का परिणाम है कि दो माह में तीन दर्जन से अधिक पालतू, छुट्टा और जंगली पशु-पक्षियों की मौत करंट से हो चुकी है। जेई अभिषेक प्रजापति ने कहा कि आरोप निराधार है। सुबह छह बजे तक रोस्टर चालू रखा गया था और एलटी की चलती लाइन में तब तक जानकारी नहीं मिल पाती जब तक कोई सूचना नहीं देता। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फसल कटते ही जर्जर तारों को बदलवाने की तैयारी हो चुकी है। कोतवाल कृष्णानंद राय ने कहा कि परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है।
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