ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर गरीबों के हक की आवाज उठाई। इसके अलावा अन्य किसान संगठनों ने भी उनका समर्थन करते हुए धरने में हिस्सा लिया। अध्यक्ष चंद्रमा वनवासी, महामंत्री भुलाल पाल के साथ अखिल भारतीय खेतिहर कामगार यूनियन, ग्रामीण मजदूर एसोसिएशन, अखिल भारतीय संयुक्त किसान सभा, अग्रगामी कृषि श्रमिक यूनियन, दलित संघर्ष मुक्ति मंच, नेशनल कैंपेन कौंसिल फार दलित राइट्स, मनरेगा मजदूर यूनियन संयुक्त मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम 19 सूत्री मांगपत्र एसडीएम अश्विनी पांडेय को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार आरक्षण की राजनीति कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मांग किया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय मनरेगा में जाति-धर्म आरक्षण, बजट, छंटनी पर रोक लगे, खेत मजदूरों के लिए अलग से कानून बने, मजदूरों को दो सौ दिन काम, 600 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय की जाए, अनुसूचित जाति, आदिवासी महिलाओं का उत्पीड़न रोका जाए, मजदूर बच्चों को उच्च शिक्षा मुफ्त मिले, मजदूर वर्ग को निजी प्रतिष्ठान में आरक्षण दिया जाए, भूमिहीन मजदूर को आवास के लिए पांच लाख आवंटित हो, खाद्य सुरक्षा अंतर्गत महामारी में मजदूरों को 10 किलो गेहूं, 5 किलो चावल प्रति यूनिट मिले, मजदूर कल्याण वेलफेयर बोर्ड का गठन कराया जाए, एडवाइजरी कमेटी की सिफारिशों पर रोक लगे, सभी भूमिहीनों के लिए 15 डिसमिल जमीन का आवंटन हो तथा जिले को रोडवेज बस सुविधा से जोड़ा जाए। इस मौके पर श्यामलाल बिंद, हिंछलाल यादव, राजाराम बिंद, पारसनाथ बिंद, श्यामधर, बुधना देवी आदि रहे।