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Bhadohi News: कारपेट सिटी फेज दो की कवायद तेज, सलाहकार की नियुक्ति जल्द
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जनपद में मोरवा नदी के पूरब की तरफ प्रस्तावित कारपेट सिटी फेज-2 को लेकर कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के बीडा का पदभार लेने के बाद कार्य में तेजी आई है। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) इसके लिए सलाहकार नियुक्त करने जा रहा है। नियुक्त सलाहकार कारपेट सिटी फेज-2 की प्रासंगिकता के साथ उसके आंतरिक ढांच की रिपोर्ट तैयार करेगा। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में चौरी रोड पर मोरवा नदी के पश्चिम में बीडा ने कारपेट सिटी बसाई है। कारपेट सिटी फेज-1 सफल होने के फेज-2 पर भी मंथन शुरू हो गई। बीडा की ओर से डेढ़ वर्ष पूर्व मोरवा नदी के पूरब में खाली पड़ी 32 हेक्टेयर भूमि पर नई कारपेट सिटी (फेस टू) बसाने की योजना बनाई गई। 32 हेक्टेयर में प्रस्तावित कारपेट सिटी फेज-2 में 25 हेक्टेयर भूमि किसानों से ली जानी है। जिसका चिन्हांकन बीडा की ओर से काफी पहले ही किया जा चुका है। इस बीच भूमि के प्रस्तावित दरों के खिलाफ किसानों के मुखर होने के बाद कुछ महीनों तक कारपेट सिटी फेज का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। भूमि दर व मूल्यांकन समिति की कई बैठकों के बाद डीएम गौरांग राठी ने सभी पक्षों की सहमती से भूमि की दरे निर्धारित कर मंडलायुक्त को संस्तुति के लिए भेजी थी। जिस पर मंडलायुक्त की सहमती तो मिल गई, लेकिन उसी बीच बीडा के तत्कालीन सीईओ प्रेम रंजन सिंह का तबादला हो गया और कवायद लगभग सुस्त पड़ गई। हालांकि अब जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बीडा सीईओ का पदभार ग्रहण कर लिया है। जिसके बाद कारपेट सिटी फेज-2 के कार्य में तेजी आई है। जिलाधिकारी फेज-2 के क्रियान्वयन को लेकर सलाहकार नियुक्त करने जा रहे हैं। सलाहकार कारपेट सिटी द्वितीय फेज की प्रासंगिता, कितने भवन, प्लाट, कामर्शियल संस्थान बनाए जाएंगे और बीडा उसे कितने में बेच सकेगी। इन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद बीडा आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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वर्जन
जिलाधिकारी के बीडा का कार्यभार संभालने के बाद कारपेट सिटी-2 की कवायद तेज हुई है। बीडा इसके लिए सलाहकार नियुक्त करने जा रही है, जो इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके देगी। जिसमें कारपेट सिटी द्वितीय फेज-2 को बसाने की जरूरत के साथ ही फेज-2 में कितने भवन, प्लाट, कामर्शियल संस्थान आ सकेंगे और बीडा उसे कितने में बेच सकेगी। यह सब शामिल होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन की संस्तुति ली जाएगी। इसके बाद हम शासन से धन की मांग करेंगे। जो बाद में शासन लौटा दिया जाएगा। - आरडी भारती, प्रभारी अधिशासी अभियंता, बीडा।
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जिले में चौरी रोड पर मोरवा नदी के पश्चिम में बीडा ने कारपेट सिटी बसाई है। कारपेट सिटी फेज-1 सफल होने के फेज-2 पर भी मंथन शुरू हो गई। बीडा की ओर से डेढ़ वर्ष पूर्व मोरवा नदी के पूरब में खाली पड़ी 32 हेक्टेयर भूमि पर नई कारपेट सिटी (फेस टू) बसाने की योजना बनाई गई। 32 हेक्टेयर में प्रस्तावित कारपेट सिटी फेज-2 में 25 हेक्टेयर भूमि किसानों से ली जानी है। जिसका चिन्हांकन बीडा की ओर से काफी पहले ही किया जा चुका है। इस बीच भूमि के प्रस्तावित दरों के खिलाफ किसानों के मुखर होने के बाद कुछ महीनों तक कारपेट सिटी फेज का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। भूमि दर व मूल्यांकन समिति की कई बैठकों के बाद डीएम गौरांग राठी ने सभी पक्षों की सहमती से भूमि की दरे निर्धारित कर मंडलायुक्त को संस्तुति के लिए भेजी थी। जिस पर मंडलायुक्त की सहमती तो मिल गई, लेकिन उसी बीच बीडा के तत्कालीन सीईओ प्रेम रंजन सिंह का तबादला हो गया और कवायद लगभग सुस्त पड़ गई। हालांकि अब जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बीडा सीईओ का पदभार ग्रहण कर लिया है। जिसके बाद कारपेट सिटी फेज-2 के कार्य में तेजी आई है। जिलाधिकारी फेज-2 के क्रियान्वयन को लेकर सलाहकार नियुक्त करने जा रहे हैं। सलाहकार कारपेट सिटी द्वितीय फेज की प्रासंगिता, कितने भवन, प्लाट, कामर्शियल संस्थान बनाए जाएंगे और बीडा उसे कितने में बेच सकेगी। इन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद बीडा आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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जिलाधिकारी के बीडा का कार्यभार संभालने के बाद कारपेट सिटी-2 की कवायद तेज हुई है। बीडा इसके लिए सलाहकार नियुक्त करने जा रही है, जो इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके देगी। जिसमें कारपेट सिटी द्वितीय फेज-2 को बसाने की जरूरत के साथ ही फेज-2 में कितने भवन, प्लाट, कामर्शियल संस्थान आ सकेंगे और बीडा उसे कितने में बेच सकेगी। यह सब शामिल होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन की संस्तुति ली जाएगी। इसके बाद हम शासन से धन की मांग करेंगे। जो बाद में शासन लौटा दिया जाएगा। - आरडी भारती, प्रभारी अधिशासी अभियंता, बीडा।