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महामारी:गंदगी से पटे शमशान घाट,डीएम तक पहुंचा मामला

Tue, 11 May 2021 11:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 May 2021 11:52 PM IST
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Epidemic: Case reached to the crematorium ghat, DM inundated with dirt
ज्ञानपुर। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष माबूद खान ने मंगलवार को डीएम आर्यका अखौरी के नाम संबोधित एक मांग पत्र कर अधिकारी जिला पंचायत रमेश चंद्र यादव को सौंपकर शमशान घाट की सफाई व मृतकों का पंजीकरण कराने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना पर केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से कोई सार्थक पहल न होने के कारण मृतकों की संख्या घट नहीं रहीं है।
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निजी और सरकारी कोविड अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला होने से मरीजों को किसी तरह की राहत न मिलने से दर-दर की ठोकरे खाकर कभी आक्सीजन की कमी तो कहीं बेड, दवा के अभाव में दम तोड़ देते हैं। इस दौरान युवा नेता परवेज हाशमी ने कहा कि बढ़ते मृत्यु दर का परिणाम है कि शमशान घाट रामपुर, सीतामढ़ी, धनतुलसी-डेंगुरपुर, विलासपुर, बिहरोजपुर, भोगांव, टेला, डेरवां, जहांगीराबाद, कलिंजरा, बेरवांपहाड़पुर, बदरी, बारीपुर, सेमराध, मूलापुर में प्रतिदिन 30 से 40 शवों का दाहसंस्कार किया जाता है। जिसका क्रम एक माह से लगातार जारी रहने के चलते घाटों पर व्याप्त गंदगी अब असहनीय दुर्गंध उत्पन्न कर दाहसंस्कार में आने वालों के साथ ही तटवर्ती गांवों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ा दिया है। चिंता की बात यह है कि लगभग 10 वर्ष से जिला पंचायत स्तर पर होने वाली घाट की नीलामी पर रोक लगाकर शासन-प्रशासन ने जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को दे दिया।
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इसके अलावा घाट के रखरखाव, साफ-सफाई मात्र कागजों पर दर्शाकर गांव की सरकार चलाने वालों ने करोड़ों रुपये का बंदरबांट कर लिया। गत वर्ष मोक्षदायिनी को स्वच्छ रखने और धारा के अविरल बहाव में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न होने देने के लिए चला महाअभियान भी कागजों पर सीमित हो गया। प्रदूषण मुक्त दाहसंस्कार के लिए बने आधुनिक शवदाह गृहों की हालत देखने तक से अंदाजा लग जाता है कि मनमानी प्रस्ताव, निर्माण में मानकों की अनदेखी ने ढहने की ओर अग्रसर कर रहा है। प्रशासन ने साफ-सफाई कराकर शमशान घाट को स्वच्छ रखने, दाहसंस्कार के लिए आने वाले शव का पंजीकरण, चिता में आग लगाने के नाम पर मनमानी वसूली पर रोक, स्थलीय निरीक्षण कराकर आधुनिक शवदाह गृह को चालू नहीं कराया गया तो पार्टीजन आगे की रणनीति तैयार करने पर विवश होंगे।
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