{"_id":"5f15b22e8ebc3e63aa7ca378","slug":"encroachment-led-to-bulldozer-bhadohi-news-vns5368640149","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण पर चला बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
विज्ञापन
महाराजगंज बाजार में सिक्सलेन के तहत सर्विस लेन निर्माण के लिए अतिक्रमण हटवाते औराई तहसील अधिकार
- फोटो : BHADOHI
महाराजगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल पर एसडीएम औराई चंद्रशेखर ने मय फोस मौके पर पहुंचकर राजमार्ग से सटे गांव हुसैनीपुर और तितराही गांवों में जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण तोड़वाया। इस दौरान आधा दर्जन निर्माण ध्वस्त कराए गए। अचानक पहुंची टीम को देख एकबारगी अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई, लेकिन तहसील प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की एक नहीं चल पाई।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर चल रहे सिक्सलेन निर्माण कार्य के अंतर्गत गत वर्ष ही सर्विसलेन और नाला बनाने के लिए प्राधिकरण ने कई मकानों, मंदिरों को अतिक्रमण के दायरे में ला दिया था। काफी उठापटक के बाद काफी हद तक नाला और सर्विस लेन का निर्माण भी हो गया, लेकिन उक्त गांवों के पास अतिक्रमण के दायरे में आने वालों ने इसका जमकर विरोध करते हुए कुछ लोगों ने कोर्ट की शरण ले ली और कुछ लोगों ने समझदारी दिखाते स्वयं अतिक्रमण हटा लिया। लेकिन, कोर्ट की शरण लेने वाले यथावत काबिज रहे। पूर्व में बार-बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई, लेकिन वह नहीं हट सके थे।
इस बाबत प्राधिकरण के अधिकारियों ने जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली बैठकों में मामले को पहुंचाकर तहसील प्रशासन से अविलंब कदम उठाने की मांग की। कहा कि प्रभावितजनों के नाम जारी मुआवजे का वितरण भी कराने की मांग की। औराई एसडीएम चंद्रशेखर राम ने बताया कि तितराही निवासी दीपक मिश्रा, गुरुमेद सिंह, हुसैनीपुर निवासी राजेश जायसवाल, सुखराजी देवी, चमेला देवी, फुलवासी देवी की ओर से हुए अतिक्रमण को मशीनों से तोड़वाकर निर्माण का रास्ता साफ करा दिया। मौके पर औराई थाना पुलिस, तहसील, राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
ज्ञानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के 72 किलोमीटर वाले हंडिया-राजातालाब खंड पर लगभग 10 किलोमीटर में नाला और सर्विस लेन का निर्माण मुआवजे को लेकर लटका है। इसका कारण भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली बताई जा रही है। एनएचएआई के पीडी अश्वनी राय ने कहा कि मामला चाहे औराई तहसील का हो या फिर ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत अतिक्रमण का। प्राधिकरण की ओर से 10 माह पहले 36 करोड़ रुपये का भुगतान जिला प्रशासन को किया जा चुका है। बावजूद इसके निर्माण में मुआवजा भुगतान को लेकर दिक्कतें आ रहीं हैं। गौरतलब है कि महाराजगंज, औराई, हुसैनीपुर, तितराही, गोपपुर, पर्वतपुर, जयरामपुर, घोसिया, माधोसिंह, लालानगर, गोपीगंज-पड़ाव, सूफीनगर-गोधना, वहिदानगर, ऊंज बाजार, नवधन में तमाम लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर चल रहे सिक्सलेन निर्माण कार्य के अंतर्गत गत वर्ष ही सर्विसलेन और नाला बनाने के लिए प्राधिकरण ने कई मकानों, मंदिरों को अतिक्रमण के दायरे में ला दिया था। काफी उठापटक के बाद काफी हद तक नाला और सर्विस लेन का निर्माण भी हो गया, लेकिन उक्त गांवों के पास अतिक्रमण के दायरे में आने वालों ने इसका जमकर विरोध करते हुए कुछ लोगों ने कोर्ट की शरण ले ली और कुछ लोगों ने समझदारी दिखाते स्वयं अतिक्रमण हटा लिया। लेकिन, कोर्ट की शरण लेने वाले यथावत काबिज रहे। पूर्व में बार-बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई, लेकिन वह नहीं हट सके थे।
विज्ञापन
इस बाबत प्राधिकरण के अधिकारियों ने जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली बैठकों में मामले को पहुंचाकर तहसील प्रशासन से अविलंब कदम उठाने की मांग की। कहा कि प्रभावितजनों के नाम जारी मुआवजे का वितरण भी कराने की मांग की। औराई एसडीएम चंद्रशेखर राम ने बताया कि तितराही निवासी दीपक मिश्रा, गुरुमेद सिंह, हुसैनीपुर निवासी राजेश जायसवाल, सुखराजी देवी, चमेला देवी, फुलवासी देवी की ओर से हुए अतिक्रमण को मशीनों से तोड़वाकर निर्माण का रास्ता साफ करा दिया। मौके पर औराई थाना पुलिस, तहसील, राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
ज्ञानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के 72 किलोमीटर वाले हंडिया-राजातालाब खंड पर लगभग 10 किलोमीटर में नाला और सर्विस लेन का निर्माण मुआवजे को लेकर लटका है। इसका कारण भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली बताई जा रही है। एनएचएआई के पीडी अश्वनी राय ने कहा कि मामला चाहे औराई तहसील का हो या फिर ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत अतिक्रमण का। प्राधिकरण की ओर से 10 माह पहले 36 करोड़ रुपये का भुगतान जिला प्रशासन को किया जा चुका है। बावजूद इसके निर्माण में मुआवजा भुगतान को लेकर दिक्कतें आ रहीं हैं। गौरतलब है कि महाराजगंज, औराई, हुसैनीपुर, तितराही, गोपपुर, पर्वतपुर, जयरामपुर, घोसिया, माधोसिंह, लालानगर, गोपीगंज-पड़ाव, सूफीनगर-गोधना, वहिदानगर, ऊंज बाजार, नवधन में तमाम लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।