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Bhadohi News: 4 करोड़ 85 लाख के उपकरणों पर जमा हो रही धूल
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ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित सौ शैय्या चिकित्सालय में सालों से कमरे में बंद उपकरणों पर अब धूल जमने लगी हैं। अस्पताल के कमरे में बंद चार करोड़ 85 लाख के जांच उपकरण खराब होने लगे है।
चिकित्सालय का निर्माण आम लोगों तक अत्याधुनिक विधियों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। चिकित्सालय के इनडोर व आउटडोर के संचालन के लिए 2015 से 2017 के मध्यम तकरीबन 4 करोड़ 85 लाख रुपये के मशीनों का क्रय हुआ था। जिसमें पैथोलाजी, ओटी, इमरजेंसी, लैब, आंख, एक्स-रे आदि की जांच करने वाली अत्याधुनिक मशीनें आईं थीं। बीते साल फरवरी महीने में यहां ओपीडी शुरू की गई थी।
लोगों को उम्मीद जगी कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, लेकिन अब इसे स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता ही कहेंगे कि संचालन को एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक ओपीडी से अधिक सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। चिकित्सालय में सारे उपकरणों के होने के बावजूद एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित खून जांच के लिए मरीजों को वहां से चार किमी दूर जिला चिकित्सालय आना पड़ता है।
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चिकित्सालय में ऑपरेशन, इमरजेंसी, पैथोलॉजी, लैब व एक्स-रे के उपकरण पांच सालों से चिकित्सालय के कमरे में बंद हैं। पांच सालों से उपकरण इंस्टॉल नहीं होने से मशीनें खराब हो रही हैं। कई ऐसी मशीनें हैं, जो क्रय होने के बाद अब गारंटी-वारंटी भी खत्म हो चुकी है।
जांच उपकरण के इंस्टालमेंट करवाने के लिए संबंधित कंपनी फोन नहीं उठा रही है। इस संबंध में शासन को पत्राचार किया जा चुका है।-- डॉ. सुनील कुमार पासवन, सीएमएस सौ शैय्या अस्पताल।
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चिकित्सालय का निर्माण आम लोगों तक अत्याधुनिक विधियों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। चिकित्सालय के इनडोर व आउटडोर के संचालन के लिए 2015 से 2017 के मध्यम तकरीबन 4 करोड़ 85 लाख रुपये के मशीनों का क्रय हुआ था। जिसमें पैथोलाजी, ओटी, इमरजेंसी, लैब, आंख, एक्स-रे आदि की जांच करने वाली अत्याधुनिक मशीनें आईं थीं। बीते साल फरवरी महीने में यहां ओपीडी शुरू की गई थी।
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लोगों को उम्मीद जगी कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, लेकिन अब इसे स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता ही कहेंगे कि संचालन को एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक ओपीडी से अधिक सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। चिकित्सालय में सारे उपकरणों के होने के बावजूद एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित खून जांच के लिए मरीजों को वहां से चार किमी दूर जिला चिकित्सालय आना पड़ता है।
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चिकित्सालय में ऑपरेशन, इमरजेंसी, पैथोलॉजी, लैब व एक्स-रे के उपकरण पांच सालों से चिकित्सालय के कमरे में बंद हैं। पांच सालों से उपकरण इंस्टॉल नहीं होने से मशीनें खराब हो रही हैं। कई ऐसी मशीनें हैं, जो क्रय होने के बाद अब गारंटी-वारंटी भी खत्म हो चुकी है।
जांच उपकरण के इंस्टालमेंट करवाने के लिए संबंधित कंपनी फोन नहीं उठा रही है। इस संबंध में शासन को पत्राचार किया जा चुका है।