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Bhadohi News: गर्मी में पेयजल संसाधन बेकार,यात्री परेशान
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भीषण गर्मी और उमस के बीच स्टेशनों के पेयजल संसाधन बेकार हो गए हैं। इससे ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी होती है। हैंडपंप और पेयजल टंकियो से आपूर्ति न होने से यात्रियों को मजबूरन अवैध वेंडरों से 10 से 20 रुपये प्रति बोतल खरीदना पड़ रहा है। समस्या का निदान न होने पर यात्रियों ने मंडल लखनऊ और परिमंडल वाराणसी परिक्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों से शिकायत की चेतावनी दी। वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल रूट पर जिले में आधा दर्जन स्टेशन है। रेल मंत्रालय स्टेशनों को आधुनिक व बेहतर सुविधा देने का दावा कर रहा है। भदोही को छोड़ दिया जाए तो सुरियावां, सराय कंसराय, परसीपुर, मोढ़ स्टेशन की हालत ठीक नहीं है। सुरियावां स्टेशन पर पांच साल से पेयजल समस्या उठा रहे व्यापार मंडल अध्यक्ष शेषधर गुप्ता ने बताया कि जंघई-वाराणसी रेल खंड वह स्टेशन है जहां एक नहीं तीन जिलों के यात्रियों का आना-जाना होता है। हजारों रुपये का राजस्व रेल प्रशासन आरक्षित-अनारक्षित, वेटिंग टिकट के नाम पर करता है। बावजूद इसके मूलभूत समस्याओं का निदान करने में मंडल, परिमंडल के अधिकारी सक्रियता नहीं दिखाते। संतोष जासवाल, रामेश्वर वैश्य, अश्विनी साहू, अनिल उमर ने बताया कि रेल खंड पर सुबह, दोपहर, शाम अनारक्षित तो सुबह से देर रात तक अप-डाउन में दूरगामी महानगरों तक रफ्तार भरने वाली विशेष ट्रेनों का आवागमन होता रहता है। कई महत्वपूर्ण ट्रेनें स्टॉप लेकर दोनों दिशाओं की ओर बढ़ती हैं। आधुनिकीरण योजना से स्टेशन की दिशा बदल दी गई, लेकिन दुविधाओं की दशा कौन बदलेगा। इसे लेकर स्टेशन कर्मचारी पत्रवाहक बने हुए हैं। अपर मंडल रेल प्रबंधक उत्तर रेलवे वाराणसी परिक्षेत्र लालजी चौधरी ने कहा कि शिकायतें कई बार आने पर तकनीकी कर्मचारियों से खराब पड़े हैंडपंप, स्टैंड टोटी को ठीक करके चालू कराने का निर्देश दिया गया है। वह दो दिन में स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे।
इनसेट-
बंद है शौचालय, नहीं हैं सीट
सुरियावां। प्रतिदिन हजारों और माह में लाखों रुपये का राजस्व देने वाले सरायकंसराय स्टेशन हो या मोढ़ स्टेशन। महिला यात्री शौचालय, बैठने के लिए सीट समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जिम्मेदारों को कोसती हैं। महिला यात्री पूजा देवी, आरुषि, कविता देवी ने बताया कि सड़क मार्ग पर आर्थिक शोषण होने से नजदीकी स्टेशन वाराणसी, प्रयागराज, फूलपुर, प्रतापगढ़, जंघई, जौनपुर, भदोही, परसीपुर, लोहता के लिए आवागमन प्रतिदिन ट्रेन से ही होता है। प्लेटफार्म पहुंचने के बाद पानी की व्यवस्था नहीं होने, शौचालयों में ताला बंद होने, सीट के अभाव से धुलयुक्त टिनशेड के नीचे बैठने की दुविधा झेलनी पड़ती है। अपर रेल मंडल प्रबंधक उत्तर रेलवे वाराणसी परिक्षेत्र लालजी चौधरी ने कहा कि जंघई जंक्शन रिमाडलिंग कार्य के बाद 67 किमी वाले जंघई-वाराणसी रेल खंड के शेष अधूरे कार्य पूरे हो जाएंगे। संवाद
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इनसेट-
बंद है शौचालय, नहीं हैं सीट
सुरियावां। प्रतिदिन हजारों और माह में लाखों रुपये का राजस्व देने वाले सरायकंसराय स्टेशन हो या मोढ़ स्टेशन। महिला यात्री शौचालय, बैठने के लिए सीट समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जिम्मेदारों को कोसती हैं। महिला यात्री पूजा देवी, आरुषि, कविता देवी ने बताया कि सड़क मार्ग पर आर्थिक शोषण होने से नजदीकी स्टेशन वाराणसी, प्रयागराज, फूलपुर, प्रतापगढ़, जंघई, जौनपुर, भदोही, परसीपुर, लोहता के लिए आवागमन प्रतिदिन ट्रेन से ही होता है। प्लेटफार्म पहुंचने के बाद पानी की व्यवस्था नहीं होने, शौचालयों में ताला बंद होने, सीट के अभाव से धुलयुक्त टिनशेड के नीचे बैठने की दुविधा झेलनी पड़ती है। अपर रेल मंडल प्रबंधक उत्तर रेलवे वाराणसी परिक्षेत्र लालजी चौधरी ने कहा कि जंघई जंक्शन रिमाडलिंग कार्य के बाद 67 किमी वाले जंघई-वाराणसी रेल खंड के शेष अधूरे कार्य पूरे हो जाएंगे। संवाद
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