{"_id":"64c6b4a5434677d1d80ffb64","slug":"dm-imposed-a-fine-of-10-thousand-on-two-doctors-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-1306-2023-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: बाहर से लिखी दवा, दो चिकित्सकों पर 10 हजार जुर्माना\nबाहर की दवा लिखने पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: बाहर से लिखी दवा, दो चिकित्सकों पर 10 हजार जुर्माना बाहर की दवा लिखने पर
विज्ञापन
गोपीगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बाहर की दवा लिखना दो चिकित्सकों को भारी पड़ गया। डीएम के निर्देश पर कराई गई जांच में मामला सही मिलने पर दोनों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया।
सरकारी चिकित्सालय में बाहर की दवा लिखना कोई नई बात नहीं है। जिला चिकित्सालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिखते हैं। कुछ दिन पूर्व डीएम गौरांग राठी ने सीएचसी गोपीगंज का निरीक्षण किया था। उस दौरान मरीजों ने बताया कि बाहर से दवा लिखी जाती है। गरीब तबके के मरीज महंगी दवाएं लेने में असमर्थ हो जाते हैं। दवा की मिली पर्ची के आधार पर डीएम ने सीएमओ को जांच का निर्देश दिया। जांच में बाहर की दवा लिखने का मामला साही मिला। जिस पर सीएमओ ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एस एस यादव और डॉ. आशुतोष यादव पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया । जुर्माने की राशि रेडक्रास सोसाइटी के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने कहा कि चिकित्सक बाहर की दवा न लिखें।
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सलय और महाराजा बलवंत सिंह जिला चिकित्सालय में चिकित्सक बेधड़क बाहर की दवा लिखते हैं। इन्हे शासन प्रशासन का तनिक भी खौफ नहीं है। यहां उपचार कराने वाले मरीजों को एक पर्ची दी जाती है और एक पर्ची चिकित्स्क अपने पास से देते हैं। बड़ी वाली पर्ची पर डाॅक्टर अस्पताल के अदंर मिलने वाली दवा लिखते हैं। जबकि छोटी वाली पर्ची पर बाहर की दवा लिखी जाती है। मेडिकल संचालक उक्त पर्ची को अपने पास ही रखता है। शाम को चिकित्सक के करीबी पहुंचकर हिसाब-किताब करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी चिकित्सालय में बाहर की दवा लिखना कोई नई बात नहीं है। जिला चिकित्सालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिखते हैं। कुछ दिन पूर्व डीएम गौरांग राठी ने सीएचसी गोपीगंज का निरीक्षण किया था। उस दौरान मरीजों ने बताया कि बाहर से दवा लिखी जाती है। गरीब तबके के मरीज महंगी दवाएं लेने में असमर्थ हो जाते हैं। दवा की मिली पर्ची के आधार पर डीएम ने सीएमओ को जांच का निर्देश दिया। जांच में बाहर की दवा लिखने का मामला साही मिला। जिस पर सीएमओ ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एस एस यादव और डॉ. आशुतोष यादव पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया । जुर्माने की राशि रेडक्रास सोसाइटी के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने कहा कि चिकित्सक बाहर की दवा न लिखें।
विज्ञापन
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सलय और महाराजा बलवंत सिंह जिला चिकित्सालय में चिकित्सक बेधड़क बाहर की दवा लिखते हैं। इन्हे शासन प्रशासन का तनिक भी खौफ नहीं है। यहां उपचार कराने वाले मरीजों को एक पर्ची दी जाती है और एक पर्ची चिकित्स्क अपने पास से देते हैं। बड़ी वाली पर्ची पर डाॅक्टर अस्पताल के अदंर मिलने वाली दवा लिखते हैं। जबकि छोटी वाली पर्ची पर बाहर की दवा लिखी जाती है। मेडिकल संचालक उक्त पर्ची को अपने पास ही रखता है। शाम को चिकित्सक के करीबी पहुंचकर हिसाब-किताब करते हैं।
विज्ञापन