{"_id":"e3e19ea7363f9348fe20681d1470168c","slug":"divine-court-attendance-of-devotees-engaged-in-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवी दरबार में लगी भक्तों की हाजिरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवी दरबार में लगी भक्तों की हाजिरी
ब्यूरो/ अमर उजाला भदोही
Updated Wed, 14 Oct 2015 01:36 AM IST
विज्ञापन
इस दौरान जिले के देवी मंदिरों और देवालयों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
ज्ञानपुर नगर से लगे पौराणिक घोपइला देवी धाम में नवरात्र के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।
नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना की गई। घर-घर कलश स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो गया।
जगह-जगह भजन-कीर्तन और देवी के जयकारों के चलते वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नवरात्र के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप को देवाधिदेव की अर्द्धांगिनी पार्वती माने जाने के कारण शिवालयों पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी।
नगर के सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर बड़ी संख्या में देवीभक्तों ने दर्शन-पूजन किए। नवरात्र का पहला दिन होने के नाते भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला पहुंचना आरंभ हो गया था।
धूप-दीप की भीनी-भीनी खुशबू से मंदिर परिसर का वातावरण देवीमय हो गया था। घोपइला देवी धाम में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धावानों का तांता लगा रहा।
देवीभक्तों ने मां को नारियल, चुनरी अर्पित कर मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे लगाए गए। मंदिर परिसर को विधिवत सजाया गया। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा का किनारा होने के नाते भोर से ही लोगों ने यहां गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और माता सीता के दर्शन कर सुख सौभाग्य की कामना की। इसी तरह गोपीगंज, भदोही नगर, सुरियावां, दुर्गागंज, औराई, चौरी, बाबूसराय, महाराजगंज, ऊंज, अभोली, मोढ़ आदि इलाकों में भी नवरात्र के पहले दिन पूजा-अर्चना को लेकर मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। दुर्गापूजा के निमित्त स्थापित कई पंडालों में मूर्तियों की स्थापना भी कर दी गई है। रती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर नगर से लगे पौराणिक घोपइला देवी धाम में नवरात्र के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई।
नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना की गई। घर-घर कलश स्थापना के साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो गया।
जगह-जगह भजन-कीर्तन और देवी के जयकारों के चलते वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नवरात्र के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप को देवाधिदेव की अर्द्धांगिनी पार्वती माने जाने के कारण शिवालयों पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी।
नगर के सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर बड़ी संख्या में देवीभक्तों ने दर्शन-पूजन किए। नवरात्र का पहला दिन होने के नाते भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला पहुंचना आरंभ हो गया था।
धूप-दीप की भीनी-भीनी खुशबू से मंदिर परिसर का वातावरण देवीमय हो गया था। घोपइला देवी धाम में सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धावानों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
देवीभक्तों ने मां को नारियल, चुनरी अर्पित कर मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे लगाए गए। मंदिर परिसर को विधिवत सजाया गया। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा का किनारा होने के नाते भोर से ही लोगों ने यहां गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और माता सीता के दर्शन कर सुख सौभाग्य की कामना की। इसी तरह गोपीगंज, भदोही नगर, सुरियावां, दुर्गागंज, औराई, चौरी, बाबूसराय, महाराजगंज, ऊंज, अभोली, मोढ़ आदि इलाकों में भी नवरात्र के पहले दिन पूजा-अर्चना को लेकर मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। दुर्गापूजा के निमित्त स्थापित कई पंडालों में मूर्तियों की स्थापना भी कर दी गई है। रती हैं।
विज्ञापन