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मधुमेह दिवस...बढ़ रहे रोगी
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ज्ञानपुर। घटती शारीरिक सक्रियता और जंक फूड कल्चर ने खतरनाक बीमारी मधुमेह को पुष्पित-पल्लवित होने का खूब मौका दिया है। यही वजह है कि भदोही जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिले में भी 50 फीसदी से अधिक आबादी कमोबेश मधुमेह की चपेट में है। इससे भी चिंताजनक यह है कि 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। 14 नवंबर को मधुमेह दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर तेजी से बढ़ती बीमारी पर चिंता जाहिर की गई है।
मेडिकल साइंस बताता है कि हमारे शरीर का आंतरिक अंग अग्नाशय जब इंसूलिन हारमोन को बनाने में अक्षम हो जाता है तो मानव शरीर में मधुमेह बीमारी हो जाती है। इससे रक्त में सुगर का स्तर बढ़ने लगता है। जानकार बताते हैं कि यह समस्या मुख्य रूप से शारीरिक श्रम न करने के कारण आती है। इसके अलावा तेजी से बढ़ती फास्ट फूड संस्कृति आग में घी डालने का काम कर रही है। जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि आज के समाज में मधुमेह 60 फीसदी लोगों में हो गया है। यह खतरनाक बीमारी है, जिसे बढ़ने में हमारी आरामदेय जीवनशैली बड़ी भूमिका निभाती है। आज लोगों का पैदल चलना-फिरना भी कम हो गया है। सुबह का व्यायाम और स्थिर जीवन शैली से खतरा बढ़ता जा रहा है। शारीरिक श्रम और पौष्टिक खान-पान से मधुमेह को दूर रखा जा सकता है।
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बीमारी के मुख्य कारण
- शारीरिक श्रम की कमी
- खानपान में लापरवाही
- जंक फूड और तले भुने खुले खाद्य पदार्थों का सेवन
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मधुमेह के लक्षण
- पेशाब ज्यादा आना
- भूख अधिक लगना
- पैरों में हमेशा दर्द रहना
- कमजोरी बढ़ना, आंख की रोशनी कम होना
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क्या करें
मधुमेह की रोकथाम के लिए शारीरिक श्रम करते रहें। मीठा का प्रयोग कम करें। बीमारी हो जाए तो चिकित्सक से सलाह लेकर उचित इलाज शुरू करने में देर न करें।
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मेडिकल साइंस बताता है कि हमारे शरीर का आंतरिक अंग अग्नाशय जब इंसूलिन हारमोन को बनाने में अक्षम हो जाता है तो मानव शरीर में मधुमेह बीमारी हो जाती है। इससे रक्त में सुगर का स्तर बढ़ने लगता है। जानकार बताते हैं कि यह समस्या मुख्य रूप से शारीरिक श्रम न करने के कारण आती है। इसके अलावा तेजी से बढ़ती फास्ट फूड संस्कृति आग में घी डालने का काम कर रही है। जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि आज के समाज में मधुमेह 60 फीसदी लोगों में हो गया है। यह खतरनाक बीमारी है, जिसे बढ़ने में हमारी आरामदेय जीवनशैली बड़ी भूमिका निभाती है। आज लोगों का पैदल चलना-फिरना भी कम हो गया है। सुबह का व्यायाम और स्थिर जीवन शैली से खतरा बढ़ता जा रहा है। शारीरिक श्रम और पौष्टिक खान-पान से मधुमेह को दूर रखा जा सकता है।
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बीमारी के मुख्य कारण
- शारीरिक श्रम की कमी
- खानपान में लापरवाही
- जंक फूड और तले भुने खुले खाद्य पदार्थों का सेवन
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मधुमेह के लक्षण
- पेशाब ज्यादा आना
- भूख अधिक लगना
- पैरों में हमेशा दर्द रहना
- कमजोरी बढ़ना, आंख की रोशनी कम होना
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क्या करें
मधुमेह की रोकथाम के लिए शारीरिक श्रम करते रहें। मीठा का प्रयोग कम करें। बीमारी हो जाए तो चिकित्सक से सलाह लेकर उचित इलाज शुरू करने में देर न करें।