फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Development garbage in Kanshi Ram housing

Bhadohi News: कांशीराम आवास में विकास का कूड़ा

Tue, 01 Sep 2026 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Development garbage in Kanshi Ram housing
कांशीराम शहरी आवास के सामने लगा गंदगी का अंबार। संवाद - फोटो : Samvad
ज्ञानपुर। सरकारी सिस्टम की अव्यवस्था और बदहाली देखनी है तो विकास भवन के सामने स्थित कांशीराम आवास आइए। यहां के आवंटियों की जिंदगी काफी जद्दोजहद भरी है। साफ-सफाई से लेकर सुविधाओं के लिए आवंटियों को तरसना पड़ता है। आलम यह है कि कॉलोनी में आठ महीने पहले सफाई हुई, जबकि कूड़े का उठान डेढ़ साल से नहीं हो सका है। इससे जहां-तहां लगे कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध के कारण संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए कांशीराम योजना शुरू हुई। 2008-09 में करीब 27 करोड़ रुपये से ज्ञानपुर के कंसापुर में 1500 आवासों का निर्माण किया गया। उनका आवंटन भी हो गया।
विज्ञापन

करीब 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। बसपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल होने के कारण इसकी गिनती वीआईपी कॉलोनी में होती थी। उस दौरान आवंटियों को अगर छींक भी आती तो अफसर पहुंचकर समस्या निस्तारित कराते थे।
विज्ञापन

2012 में सरकार बदली तो यहां के आवंटियों की किस्मत भी खराब हो गई। धीरे-धीरे 13 से 14 साल गुजर गए। दो बार भाजपा की सरकार बनी, लेकिन आवंटियों की दशा और दिशा नहीं सुधर सकी। करीब डेढ़ दशक पूर्व बनी नालियां जहां ध्वस्त हो चुकी हैं। सोमवार को हमारी टीम आवास के 56, 60 और 77 ब्लॉक में पहुंची, जहां आवंटियों का दर्द सामने आया। उनका कहना था कि यहां साफ-सफाई नहीं होती। बारिश होने पर कमरों तक पानी भर जाता है। आवास के आसपास कूड़े के ढेर होने के कारण बारिश के पानी से कूड़ा सड़ जाता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल हो जाता है। यहां सफाई आठ महीने पहले हुई थी और कूड़े का उठान तो डेढ़ साल से नहीं हो सका है। कांशीराम आवास की आवंटी रेशमा व्यवस्था को लेकर काफी खिन्न दिखीं। उन्होंने कहा कि यहां के आवंटी न राम में रहे, न रहीम में। निकाय चुनाव में सभासद आकर मतदाता सूची में नाम डलवाते हैं। ग्राम पंचायत चुनाव में कंसापुर के प्रत्याशी यहां नजर आते हैं।कांशीराम आवास कॉलोनी में 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। प्रतिदिन घरों से कूड़ा निकलता है। आठ महीने से यहां सफाई नहीं हो सकी है और कूड़े का उठान तो डेढ़ साल से नहीं हुआ। इससे जहां-तहां कूड़ा डंप है। - रेशमा, ब्लॉक 60
विज्ञापन
विज्ञापन

आवास में कई जगह गंदगी है। नालियां चोक होने से कमरे के आसपास पानी जमा हो जाता है। शिकायत के बाद भी कोई कर्मचारी यहां नहीं आते। इससे गंदगी के बीच रहना मजबूरी है। - आशा देवी, ब्लॉक 55

कांशीराम आवास में रहना मुश्किल है, लेकिन मजबूरी में परिवार संग रहते हैं। किसी ब्लॉक में शादी होती है तो निकाय से सफाईकर्मी आकर साफ करते हैं, शेष स्थानों पर कुछ नहीं होता। आठ से 10 महीने पहले सफाई हुई थी। - मो. आरिफ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed