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Bhadohi News: शुद्ध पेयजल के लिए हुई गहरी बोरिंग निकला खारा पानी
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चौरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जलजीवन मिशन योजना में मानक की अनदेखी का मामला सामने आने लगा है। भदोही ब्लाक के चौरी-दरीबपुर ग्राम पंचायत में लगभग आठ माह से गहरी बोरिंग कर छोड़ देने से अब खारा पानी निकलना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्राम प्रधान रेखा देवी ने योजना के नोडल जलनिगम को शिकायत दर्ज कराकर रिबोर कराने की मांग की है।
जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ 2021 में होने पर कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीआर ने लगभग चार सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में गहरी बोरिंग का कार्य शुरु करवाया है। गहरी बोरिंग का कार्य समापन की ओर होने पर ओवरहेड टैंक समेत नलकूप भवन, चहारदीवारी को गति दी जा रही है। अहम बात यह है कि उक्त योजनांतर्गत हर घर पहुंचने वाले पेयजल संसाधनों का संचालन सौर ऊर्जा से होना है और 10 से 25 हार्स पावर के पंप पांच सौ फीट गहरी बोरिंग से शुद्ध जल की आपूर्ति करेंगे।
चौरी-दरीबपुर निवासी उमाशंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजना को भुनाने में कार्यदायी संस्था से लेकर नोडल, सर्वेक्षण अधिकारी मानव और लक्ष्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरीबपुर की गहरी बोरिंग आठ माह बाद होने पर भी ग्रामीणों ने खारा पानी निकलने का सवाल उठाया था, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा। खारा पानी निकलने की शिकायत पर गत दिनों कार्यदायी संस्था ने पाइप निकाल कर बगल में रखवा दिया है। रिबोर न होने की स्थिति में ग्रामीण डीएम से मिलने के लिए विवश भी होंगे।
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सहायक अभियंता जलनिगम कमलेश कुमार ने कहा कि चौरी-दरीबपुर का कार्य कार्यदायी संस्था वेलस्पन की जिम्मेदारी में है और गहरी बोरिंग का कार्य पूरा होने पर जांच हुई थी। जमीन के अंदर क्या है, किसी को पता नहीं, शुद्ध पेयजल के लिए टीम पुन: पहुंचेगी।
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जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ 2021 में होने पर कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीआर ने लगभग चार सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में गहरी बोरिंग का कार्य शुरु करवाया है। गहरी बोरिंग का कार्य समापन की ओर होने पर ओवरहेड टैंक समेत नलकूप भवन, चहारदीवारी को गति दी जा रही है। अहम बात यह है कि उक्त योजनांतर्गत हर घर पहुंचने वाले पेयजल संसाधनों का संचालन सौर ऊर्जा से होना है और 10 से 25 हार्स पावर के पंप पांच सौ फीट गहरी बोरिंग से शुद्ध जल की आपूर्ति करेंगे।
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चौरी-दरीबपुर निवासी उमाशंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजना को भुनाने में कार्यदायी संस्था से लेकर नोडल, सर्वेक्षण अधिकारी मानव और लक्ष्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरीबपुर की गहरी बोरिंग आठ माह बाद होने पर भी ग्रामीणों ने खारा पानी निकलने का सवाल उठाया था, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा। खारा पानी निकलने की शिकायत पर गत दिनों कार्यदायी संस्था ने पाइप निकाल कर बगल में रखवा दिया है। रिबोर न होने की स्थिति में ग्रामीण डीएम से मिलने के लिए विवश भी होंगे।
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सहायक अभियंता जलनिगम कमलेश कुमार ने कहा कि चौरी-दरीबपुर का कार्य कार्यदायी संस्था वेलस्पन की जिम्मेदारी में है और गहरी बोरिंग का कार्य पूरा होने पर जांच हुई थी। जमीन के अंदर क्या है, किसी को पता नहीं, शुद्ध पेयजल के लिए टीम पुन: पहुंचेगी।