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Bhadohi News: खतरे की इमारतें सलामत, कार्रवाई का सिस्टम जर्जर

Fri, 12 Jun 2026 01:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:25 AM IST
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Dangerous buildings are safe, but the response system is in shambles
खमरिया के वार्ड नं चार में जर्जर मकान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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ज्ञानपुर। जिले के निकायों में कई भवन जर्जर हो चुके हैं। बारिश के दौरान ये भवन कभी भी गिर सकते हैं। सुरियावां, ज्ञानपुर, खमरिया समेत अन्य निकायों में कुल 45 से अधिक भवन जर्जर बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरियावां में 32, ज्ञानपुर में दो और खमरिया में एक भवन के अलावा अन्य किसी भी निकाय प्रशासन के पास जर्जर भवनों का आंकड़ा नहीं है।
भदोही, गोपीगंज, घोसिया और नई बाजार जैसे निकायों में तीन से चार भवन जर्जर बताए गए हैं। नगरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित ये भवन मानसून सीजन में हादसों को न्योता दे सकते हैं। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने जिले के सात निकायों—भदोही, गोपीगंज पालिका, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार, खमरिया और घोसिया—में जर्जर भवनों की पड़ताल की। विभाग के मुताबिक, तीन निकायों में कुल 35 भवन जर्जर हैं। इनमें सबसे अधिक 32 भवन सुरियावां में हैं। पड़ताल के दौरान इससे अधिक जर्जर भवन नजर आए। ये भवन बाजार के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर स्थित हैं, जो बारिश में गिर सकते हैं। भदोही में लिप्पन तिराहा तथा ज्ञानपुर में तुलसी टॉकिज के सामने जैसे व्यस्त इलाकों में भवन जर्जर हैं। तुलसी टॉकिज के सामने स्थित भवन को वर्ष 2021 में ही ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। हर वर्ष मानसून से पहले प्रशासन जर्जर मकानों का चिह्नांकन कर ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी करता है, लेकिन कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रह जाती है।
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सिर्फ सुरियावां प्रशासन ने जारी किया है नोटिस
इस वर्ष केवल सुरियावां निकाय प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अन्य किसी भी निकाय में जर्जर भवनों का चिह्नांकन नहीं किया गया है। निकाय प्रशासन के अनुसार, 80-90 वर्ष पुराने मकान जर्जर श्रेणी में पहुंच जाते हैं। नियमानुसार जर्जर भवन को मालिक स्वयं ध्वस्त करा सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रशासन भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है। शुल्क भवन की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। सुरियावां के ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि 32 भवन जर्जर श्रेणी में हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
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ये भवन हैं जर्जर विभाग को नहीं सूचना
जर्जर भवनों में न सिर्फ लोग रह रहे हैं, बल्कि कुछ सरकारी कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं। ज्ञानपुर के मिश्रा मार्केट के बगल में स्थित अल्पसंख्यक एवं सेवायोजन विभाग और मत्स्य विभाग के कार्यालय ऐसे भवन में संचालित हैं। वहां कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भय में रहते हैं। गोपीगंज नगर पालिका का कार्यालय स्वयं जर्जर है। तुलसी सिनेमा के सामने एक भवन जर्जर है। भदोही के लिप्पन चौराहे के पास स्थित तीन मंजिला भवन तथा खमरिया मुख्य बाजार में बस्ती के बीच दो मंजिला भवन भी जर्जर हैं। इसकी सूचना निकाय प्रशासन के पास नहीं है।
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