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Bhadohi News: 17 साल में करोड़ों खर्च, फिर भी इमरजेंसी वार्ड अधूरा
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ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित 100 बेड हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर करोड़ो रुपये खर्च हो गए, लेकिन अब तक लोगों को इमरजेंसी वार्ड शुरू नहीं हो सकी। इससे मरीजों को जरूरत के हिसाब से लाभ नहीं मिल पाता। कथित घोटालों के कारण पांच बड़े भवनों का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। अस्पताल में सुविधाओं की उपयोगिता तभी संभव होगी जब अस्पताल में आउटडोर, इनडोर दोनों अस्पताल का संचालन पूरी क्षमता के साथ किया जाए।
कालीन नगरी में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए साल 2007 में सरपतहां में 14 करोड़ रुपये से 100 बेड हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड की आधारशिला रखी थी। कमीशनखोरी के कारण शुरू से ही यह योजना विवादों में फंस गई। करीब सात साल तक जांच के बीच उलझी परियोजना की लागत 14 से 18 करोड़ तक पहुंच गई। करीब डेढ़ दशक बाद भी अस्पताल के ओपीडी भवन को छोड़ कर चार भवन अधूरे पड़े हैं। भवन के पूर्ण होने पर ही इमरजेंसी चल सकती है। अधूरे भवन के पास उग चुकीं बड़ी-बड़ी घास के कारण ओपीडी भवन में सांप आ जाते हैं। बीते साल एक डॉक्टर के चेंबर में भी सांप आ गया था, इसके तत्काल बाद सीएमएस के आदेश पर सभी खिड़कियों पर जाली लगीं। शासन के निर्देश पर बर्न यूनिट, डायलिसिस सेंटर, डिजिटल एक्स-रे और ओपीडी सेवा तो शुरू कर दी गई, लेकिन इमरजेंसी वार्ड चालू न होने से लोगों को उम्मीद के हिसाब से लाभ नहीं मिल पाता। डायलिसिस और ओपीडी का लाभ पीड़ित मरीजो को मिल रहा है लेकिन बर्न यूनिट में सन्नाटा रहता है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचसी) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मिट्टी जांच के लिए भेजा गया है। डिजिटल एक्सरे कराने दो चार मरीज ही आते हैं।
इनसेट:
23.88 करोड़ से सीसीयू का आज होगा भूमिपूजन
100 बेड हॉस्पिटल में 23 करोड़ 88 लाख रुपये के लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जाएगा। जिसमें अकेले 18 करोड़ रुपये से भवन बनकर तैयार होगा। जबकि पांच करोड़ 88 लाख से उपकरण खरीदे जाएंगे। जहां एक ही क्षत के नीचे गंभीर मरीजों का समुचित उपचार किया जाएगा। उन्हें बेहतर उपचार के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीएम के नेतृत्व में शनिवार को सीसीयू का भूमि पूजन किया जाएगा।
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वर्जन:
डीएम ने कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिया था कि अधूरी बिल्डिंग को जल्द पूरा करें। इसके लिए जल्द ही टेंडरिंग प्रक्रिया की जाए। अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाएगा।
- सीएमओ डॉ. एसके चक, भदोही
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कालीन नगरी में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए साल 2007 में सरपतहां में 14 करोड़ रुपये से 100 बेड हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड की आधारशिला रखी थी। कमीशनखोरी के कारण शुरू से ही यह योजना विवादों में फंस गई। करीब सात साल तक जांच के बीच उलझी परियोजना की लागत 14 से 18 करोड़ तक पहुंच गई। करीब डेढ़ दशक बाद भी अस्पताल के ओपीडी भवन को छोड़ कर चार भवन अधूरे पड़े हैं। भवन के पूर्ण होने पर ही इमरजेंसी चल सकती है। अधूरे भवन के पास उग चुकीं बड़ी-बड़ी घास के कारण ओपीडी भवन में सांप आ जाते हैं। बीते साल एक डॉक्टर के चेंबर में भी सांप आ गया था, इसके तत्काल बाद सीएमएस के आदेश पर सभी खिड़कियों पर जाली लगीं। शासन के निर्देश पर बर्न यूनिट, डायलिसिस सेंटर, डिजिटल एक्स-रे और ओपीडी सेवा तो शुरू कर दी गई, लेकिन इमरजेंसी वार्ड चालू न होने से लोगों को उम्मीद के हिसाब से लाभ नहीं मिल पाता। डायलिसिस और ओपीडी का लाभ पीड़ित मरीजो को मिल रहा है लेकिन बर्न यूनिट में सन्नाटा रहता है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचसी) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मिट्टी जांच के लिए भेजा गया है। डिजिटल एक्सरे कराने दो चार मरीज ही आते हैं।
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23.88 करोड़ से सीसीयू का आज होगा भूमिपूजन
100 बेड हॉस्पिटल में 23 करोड़ 88 लाख रुपये के लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जाएगा। जिसमें अकेले 18 करोड़ रुपये से भवन बनकर तैयार होगा। जबकि पांच करोड़ 88 लाख से उपकरण खरीदे जाएंगे। जहां एक ही क्षत के नीचे गंभीर मरीजों का समुचित उपचार किया जाएगा। उन्हें बेहतर उपचार के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीएम के नेतृत्व में शनिवार को सीसीयू का भूमि पूजन किया जाएगा।
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वर्जन:
डीएम ने कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिया था कि अधूरी बिल्डिंग को जल्द पूरा करें। इसके लिए जल्द ही टेंडरिंग प्रक्रिया की जाए। अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाएगा।
- सीएमओ डॉ. एसके चक, भदोही