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करेंट से एसएसओ की मौत पर बवाल
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Thu, 04 Jun 2015 01:56 AM IST
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इसके विरोध में बुधवार को चिकित्सकों ने हड़ताल करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। जानकारी होने पर सीएमओ और एसडीएम समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के जाठी गांव निवासी रमाशंकर तिवारी (58) औराई के 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र पर एसएसओ थे। मंगलवार की रात वह ड्यूटी पर थे। रात लगभग एक बजे वह करेंट की चपेट में आ गए। गार्ड घुरहू और बेलदार एसएसओ के कार्यालय में पहुंचे तो उन्हें फर्श पर गिरा पाया। उन्होंने जेई जगदीश सिंह को जानकारी दी। जेई ने एसडीओ को खबर दी और एसएसओ को सीएचसी ले गए। यहां इमर्जेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. दिनेश सिंह ने एसएसओ को देखते ही मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद पहुंचे परिवारीजनों और रिश्तेदारों ने चिकित्सक से इलाज करने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि जब शरीर में जान नहीं है तो इलाज क्या करेंगे। इसी को लेकर विवाद बढ़ने पर हाथापाई हो गई और साथ आए लोगों ने चिकित्सक की पिटाई कर दी। वहां खड़े कुछ अन्य लोगों ने चिकित्सक को किसी तरह बचाया। सुबह जानकारी होने पर चिकित्सकों ने हड़ताल कर दी और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पाकर एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी और सीएमओ डॉ. दिनेश सोनकर, एसओ रामजीत यादव पहुंच गए, लेकिन चिकित्सक काम पर लौटने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद डीएम-एसपी से बात की गई। अधिकारियों के निर्देश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद चिकित्सक काम पर लौटे। तकरीबन तीन घंटे तक चिकित्सक हड़ताल पर रहे।
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ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के जाठी गांव निवासी रमाशंकर तिवारी (58) औराई के 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र पर एसएसओ थे। मंगलवार की रात वह ड्यूटी पर थे। रात लगभग एक बजे वह करेंट की चपेट में आ गए। गार्ड घुरहू और बेलदार एसएसओ के कार्यालय में पहुंचे तो उन्हें फर्श पर गिरा पाया। उन्होंने जेई जगदीश सिंह को जानकारी दी। जेई ने एसडीओ को खबर दी और एसएसओ को सीएचसी ले गए। यहां इमर्जेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. दिनेश सिंह ने एसएसओ को देखते ही मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद पहुंचे परिवारीजनों और रिश्तेदारों ने चिकित्सक से इलाज करने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि जब शरीर में जान नहीं है तो इलाज क्या करेंगे। इसी को लेकर विवाद बढ़ने पर हाथापाई हो गई और साथ आए लोगों ने चिकित्सक की पिटाई कर दी। वहां खड़े कुछ अन्य लोगों ने चिकित्सक को किसी तरह बचाया। सुबह जानकारी होने पर चिकित्सकों ने हड़ताल कर दी और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पाकर एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी और सीएमओ डॉ. दिनेश सोनकर, एसओ रामजीत यादव पहुंच गए, लेकिन चिकित्सक काम पर लौटने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद डीएम-एसपी से बात की गई। अधिकारियों के निर्देश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद चिकित्सक काम पर लौटे। तकरीबन तीन घंटे तक चिकित्सक हड़ताल पर रहे।
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