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सफेदपोंशों, रसूखदारों के कब्जे में एक हजार बीघा जमीने

Sun, 16 Jul 2017 12:42 AM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:42 AM IST
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सफेदपोंशों, रसूखदारों के कब्जे में एक हजार बीघा जमीने
ज्ञानपुर (भदोही)। जिले में सरकारी और सार्वजनिक महत्व की लगभग एक हजार बीघे जमीन पर रसूखदारों, सफेदपोशों का कब्जा है। 561 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों वाले जिले में तीन हजार तालाब हैं, जिनमें से लगभग दो हजार तालाबों के कुछ न कुछ हिस्से पर कब्जा है। इसके अलावा चारागाह, बागान, भीटे, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक महत्व की जमीनों पर कब्जा है। योगी सरकार की एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स यहां नाकामयाब साबित हो रही है। भू-माफिया के रसूख के आगे पुलिस प्रशासन उन पर हाथ डालने से कतरा रहा है।
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सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सरकार ने तहसील से लेकर मंडल स्तर पर एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है। लेकिन, भू माफिया और रसूखदारों के कब्जे से जमीनों को मुक्त कराने में जिले की एंटी भू माफिया टीम पार नहीं पा रही है। एक अनुमान के मुुताबिक प्रभावी कार्रवाई न होने से जिले की करीब एक हजार बीघे जमीन सफेदपोशों और रसूखदारों के कब्जे में है। इसमें ग्राम समाज की जमीन के अलावा चारागाह, तालाब, भीटे, शिक्षण संस्थानों से लेकर अन्य जमीन शामिल हैं। इसके चलते भूमिहीनों को छत नसीब नहीं हो पा रही है। वहीं बेहिसाब जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया का इलाकों में अलग सिक्का चल रहा है। सफेदपोशों, रसूखदारों के दबाव में प्रशासन की ओर से अब तक महज तीन भू-माफिया को ही चिह्नित किया जा सका है। उसमें जिले के निवासी एक पूर्व विधायक भी शामिल हैं।
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जिले का ऐसा कोई गांव और नगर नहीं होगा, जहां तालाब, चारागाह, बागान आदि सार्वजनिक और ग्राम समाज की जमीनों पर सफेदपोशों, रसूखदारों का कब्जा न हो। जीएस की जमीनों पर कई कालीन निर्यातकों और अन्य प्रभावी लोगों ने भवन आदि बनाकर कब्जा कर रखा है। सार्वजनिक जमीन पर कुछ जगहों पर हुए कब्जे का लेखपाल नाजायज फायदा उठाते हुए धन उगाही करते हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि जिन जमीनों पर हालिया कब्जा है, उन्हें खाली कराया जा रहा है, लेकिन जहां पर निर्माण हो चुका है, उसमें कोर्ट के हिसाब से कार्रवाई करनी पड़ रही है। कई मामलों में कार्रवाई की गई तो संबंधित लोग कोर्ट चले गए। इसलिए कोर्ट का इंतजार भी करना पड़ रहा है।
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प्रशासन की नजर में सिर्फ चार हेक्टेयर पर कब्जा
ज्ञानपुर। जमीनों के अतिक्रमण के मामले में प्रशासन का आंकड़ा कुछ अलग कह रहा है। नजारत में मौजूद रिकार्ड के मुताबिक, जिले की 36.690 हेक्टेयर (लगभग 160 बीघे) जमीन अतिक्रमण की जद में थी। इसमें प्रशासन से 32.860 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत विभिन्न न्यायालयों में 53 मामले चल रहे हैं। जबकि एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस हिसाब से देखें तो करीब चार हेक्टेयर जमीन ही भू माफिया के कब्जे में है।

सुरियावां नगर में बावन बीघे का तालाब है। उस पर अतिक्रमण किया गया है। इसके चलते 52 बीघे के तालाब का रकबा वर्तमान समय में 13 से 15 बीघे ही बचा है। बावन बीघे तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने में प्रशासन के रुचि न लेने के कारण इसका अस्तित्व संकट में पड़ गया है।


दुर्गागंज क्षेत्र के भानीपुर गांव में तालाब और खलिहान की तकरीबन छह बीघे जमीन पर कब्जा है। तालाब की जमीन पर जहां लोग आबाद हो रहे हैं, वहीं खलिहान की जमीन पर फसल लहलहाती है। कई बार शिकायत के बाद प्रशासन ने नापजोख कराने की औपचारिकता तो पूरी की, लेकिन जमीन पर से कब्जा नहीं हट सका।
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