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40 सजायाफ्ता कैदी जाएंगे सेंट्रल जेल
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ज्ञानपुर। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 40 सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल वाराणसी शिफ्ट किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कारागार प्रशासन की ओर से इसकी संस्तुति की गई थी। उच्चाधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला जेल, ज्ञानपुर की क्षमता 114 कैदियों को रखने की है, लेकिन इस समय कुल 306 कैदी बंद हैं। कैदियों की यह संख्या ढाई गुना से भी अधिक है। जेल की क्षमता पांच महिला कैदियों को रखने की है, लेकिन उनकी भी संख्या 15 है। 306 कैदियों में से विभिन्न मामलों में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 40 कैदियों को सेंट्रल जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है। बैरकों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैदी अधिक होने से जेल प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खाने से लेकर अन्य सुविधाएं कैदियों को ठीक से नहीं मिल पा रही थीं। इसको संज्ञान में लेते हुए जेल प्रशासन की ओर से 40 सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल वाराणसी भेजने की संस्तुति की गई थी। माना जा रहा है कि जल्द ही उच्चाधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिल जाएगी। साथ ही नए जिला जेल के लिए कुछ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, थोड़ी और जमीन अधिग्रहीत करने की तैयारी है। मूसीलाटपुर में एक हजार बंदियों की क्षमता वाला जेल का निर्माण प्रस्तावित है। जेल अधीक्षक कृष्ण मुरारी ने कहा कि क्षमता से अधिक कैदी होने से परेशानी हो रही है। 40 सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है। आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला जेल, ज्ञानपुर की क्षमता 114 कैदियों को रखने की है, लेकिन इस समय कुल 306 कैदी बंद हैं। कैदियों की यह संख्या ढाई गुना से भी अधिक है। जेल की क्षमता पांच महिला कैदियों को रखने की है, लेकिन उनकी भी संख्या 15 है। 306 कैदियों में से विभिन्न मामलों में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 40 कैदियों को सेंट्रल जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है। बैरकों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैदी अधिक होने से जेल प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खाने से लेकर अन्य सुविधाएं कैदियों को ठीक से नहीं मिल पा रही थीं। इसको संज्ञान में लेते हुए जेल प्रशासन की ओर से 40 सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल वाराणसी भेजने की संस्तुति की गई थी। माना जा रहा है कि जल्द ही उच्चाधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिल जाएगी। साथ ही नए जिला जेल के लिए कुछ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, थोड़ी और जमीन अधिग्रहीत करने की तैयारी है। मूसीलाटपुर में एक हजार बंदियों की क्षमता वाला जेल का निर्माण प्रस्तावित है। जेल अधीक्षक कृष्ण मुरारी ने कहा कि क्षमता से अधिक कैदी होने से परेशानी हो रही है। 40 सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है। आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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