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फर्म संचालक, लिपिक समेत तीन पर मुकदमा
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:58 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। जिलाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर केरोसिन थोक विक्रेता फर्म को बहाल कराने के मामले में आरोपी लिपिक, फर्म संचालक समेत तीन के खिलाफ सोमवार को ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। अभिलेखों में कूटरचना, साजिश और जालसाजी के आरोप में केस दर्जकर पुलिस ने गिरफ्तारी का प्रयास शुरू कर दिया है।
जिलापूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय की तहरीर पर सोमवार को ज्ञानपुर कोतवाली में माधव प्रसाद सीताराम थोक विक्रेता फर्म के संचालक गिरीश चंद गुप्ता, तत्कालीन चीफ रीडर रामप्रकाश लाल श्रीवास्तव निवासी गड़वा काजीसराय वाराणसी एवं निलंबित लिपिक शशि कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निलंबित लिपिक शशि कुमार श्रीवास्तव पर आरोप है कि उसने तत्कालीन जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय का फर्जी हस्ताक्षर कर निलंबित चल रही केरोसिन की थोक विक्रेता फर्म माधव प्रसाद सीताराम को बहाल करवा दिया। इस मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की पैरवी पर जिला प्रशासन ने पूर्व डीएम को पत्र भेजकर मामले को स्पष्ट कराया। जिस पर तत्कालीन डीएम के हस्ताक्षर को लेकर स्पष्टीकरण आया था कि उन्होंने ऐसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किया है। चूंकि मामला गंभीर था। इसलिए जांच शुरू होते ही लिपिक फरार हो गया। एडीएम और प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन की अलग-अलग जांच रिपोर्ट में तीनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। जांच रिपोर्ट मिलने पर जिलाधिकारी विशाख जी ने डीएसओ को मुकदमा दर्जकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। रविवार की देर रात ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। डीएसओ संजय पांडेय, कोतवाल अजीत कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्जकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डबल लॉक में रहेगी दोनों जांचों की पत्रावली
डीएम के निर्देश पर ही उपलब्ध होगी जांच रिपोर्ट
ज्ञानपुर। डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से केरोसिन की थोक विक्रेता फर्म के निलंबन की बहाली कराने के आरोप की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन की ओर से कोषागार के डबल लॉक में रखी जाएगी। मामले की संजीदगी को इसमें किसी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। जिलाधिकारी ने 28 जुलाई को मिली जांच रिपोर्ट की मुख्य प्रतियों को डबल लॉक में रखवा दिया है। एडीएम हरीलाल यादव ने बताया कि उनकी और प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन की जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी के निर्देश पर डबल लॉक में रखवा दिया गया है। मुकदमे की तफ्तीश, डीएम के निर्देश एवं प्रकरण के पूरी तरह निस्तारित होने पर फाइल डबल लॉक में रहेगी।
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जिलापूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय की तहरीर पर सोमवार को ज्ञानपुर कोतवाली में माधव प्रसाद सीताराम थोक विक्रेता फर्म के संचालक गिरीश चंद गुप्ता, तत्कालीन चीफ रीडर रामप्रकाश लाल श्रीवास्तव निवासी गड़वा काजीसराय वाराणसी एवं निलंबित लिपिक शशि कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निलंबित लिपिक शशि कुमार श्रीवास्तव पर आरोप है कि उसने तत्कालीन जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय का फर्जी हस्ताक्षर कर निलंबित चल रही केरोसिन की थोक विक्रेता फर्म माधव प्रसाद सीताराम को बहाल करवा दिया। इस मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की पैरवी पर जिला प्रशासन ने पूर्व डीएम को पत्र भेजकर मामले को स्पष्ट कराया। जिस पर तत्कालीन डीएम के हस्ताक्षर को लेकर स्पष्टीकरण आया था कि उन्होंने ऐसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किया है। चूंकि मामला गंभीर था। इसलिए जांच शुरू होते ही लिपिक फरार हो गया। एडीएम और प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन की अलग-अलग जांच रिपोर्ट में तीनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। जांच रिपोर्ट मिलने पर जिलाधिकारी विशाख जी ने डीएसओ को मुकदमा दर्जकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। रविवार की देर रात ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। डीएसओ संजय पांडेय, कोतवाल अजीत कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्जकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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डबल लॉक में रहेगी दोनों जांचों की पत्रावली
डीएम के निर्देश पर ही उपलब्ध होगी जांच रिपोर्ट
ज्ञानपुर। डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से केरोसिन की थोक विक्रेता फर्म के निलंबन की बहाली कराने के आरोप की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन की ओर से कोषागार के डबल लॉक में रखी जाएगी। मामले की संजीदगी को इसमें किसी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। जिलाधिकारी ने 28 जुलाई को मिली जांच रिपोर्ट की मुख्य प्रतियों को डबल लॉक में रखवा दिया है। एडीएम हरीलाल यादव ने बताया कि उनकी और प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन की जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी के निर्देश पर डबल लॉक में रखवा दिया गया है। मुकदमे की तफ्तीश, डीएम के निर्देश एवं प्रकरण के पूरी तरह निस्तारित होने पर फाइल डबल लॉक में रहेगी।
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