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धांधली पर चला प्रशासनिक चाबुक, उखड़ी इंटरलाकिंग
Updated Sun, 15 Oct 2017 01:05 AM IST
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उखड़ी इंटरलाकिंग
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ज्ञानपुर (भदोही)।
नगर के तहसील मार्ग पर इंटरलॉकिंग करा रहे ठेकेदारों पर आखिरकार प्रशासनिक चाबुक चल गया। शनिवार को मजदूर लगाकर पूर्व में लगाए गए इंटरलाकिंग के ईंटों को उखाड़ने का काम शुरू हो गया। डीएम ने दिवाली से पूर्व सड़क को पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
नगर से पुरानी बाजार को जाने वाली पुरानी तहसील रोड पर 80 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग का काम चल रहा था। सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने एसडीएम सुनील कुमार, एएसडीएम अमृता सिंह और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार से जांच कराई। जांच के दौरान इंटरलॉकिंग की ईंटें घटिया पाई गईं और ईंटों के नीचे बालू की जगह राबिस डाली गई मिली। इस प्रकरण में डीएम विशाख जी ने मैटीरियल बदलकर दोबारा इंटरलॉकिंग कराने का निर्देश भी दिया। शुरुआत में ठेकेदारों ने सफेदपोशों की मदद से कुछ उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो शनिवार से पुरानी ईंटाें को हटवाने का काम शुरू कर दिया गया। ईंटें हटने का काम शुरू होने पर नागरिकों में चर्चा शुरू हो गई कि अति व्यस्ततम मार्ग कब तक बनेगा। हालांकि जिलाधिकारी विशाख जी ने ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि दिवाली से पूर्व मैटीरियल बदलकर सड़क को पूर्ण करा लिया जाए अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्ताव को लेकर सीएम को भेजा पत्र
ज्ञानपुर। पूर्व नामित सभासद एवं व्यापारी नेता वंशीधर गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्रक भेजकर उक्त मार्ग की इंटरलॉकिंग के लिए बनाए गए प्रस्ताव पर ही सवाल उठा दिया है। आरोप लगाया कि जो कार्य कम पैसे में हो जाता, उसे कमीशनखोरी के लिए अधिक में कराया गया है। आरोप लगाया कि नगर के कार्यों की जांच के लिए विभागीय अवर अभियंता हैं। अगर प्रशासन को यहां कमियां मिलीं तो वह क्या कर रहे थे।
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नगर के तहसील मार्ग पर इंटरलॉकिंग करा रहे ठेकेदारों पर आखिरकार प्रशासनिक चाबुक चल गया। शनिवार को मजदूर लगाकर पूर्व में लगाए गए इंटरलाकिंग के ईंटों को उखाड़ने का काम शुरू हो गया। डीएम ने दिवाली से पूर्व सड़क को पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
नगर से पुरानी बाजार को जाने वाली पुरानी तहसील रोड पर 80 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग का काम चल रहा था। सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने एसडीएम सुनील कुमार, एएसडीएम अमृता सिंह और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राकेश कुमार से जांच कराई। जांच के दौरान इंटरलॉकिंग की ईंटें घटिया पाई गईं और ईंटों के नीचे बालू की जगह राबिस डाली गई मिली। इस प्रकरण में डीएम विशाख जी ने मैटीरियल बदलकर दोबारा इंटरलॉकिंग कराने का निर्देश भी दिया। शुरुआत में ठेकेदारों ने सफेदपोशों की मदद से कुछ उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो शनिवार से पुरानी ईंटाें को हटवाने का काम शुरू कर दिया गया। ईंटें हटने का काम शुरू होने पर नागरिकों में चर्चा शुरू हो गई कि अति व्यस्ततम मार्ग कब तक बनेगा। हालांकि जिलाधिकारी विशाख जी ने ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि दिवाली से पूर्व मैटीरियल बदलकर सड़क को पूर्ण करा लिया जाए अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रस्ताव को लेकर सीएम को भेजा पत्र
ज्ञानपुर। पूर्व नामित सभासद एवं व्यापारी नेता वंशीधर गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्रक भेजकर उक्त मार्ग की इंटरलॉकिंग के लिए बनाए गए प्रस्ताव पर ही सवाल उठा दिया है। आरोप लगाया कि जो कार्य कम पैसे में हो जाता, उसे कमीशनखोरी के लिए अधिक में कराया गया है। आरोप लगाया कि नगर के कार्यों की जांच के लिए विभागीय अवर अभियंता हैं। अगर प्रशासन को यहां कमियां मिलीं तो वह क्या कर रहे थे।
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