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एआरटीओ दफ्तर पर धमका प्रशासनिक अमला, भगदड़
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:19 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
अपनी कार्यप्रणाली को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले उप संभागीय परिवहन कार्यालय पर बुधवार को उस समय भगदड़ मच गई, जब पूरा प्रशासनिक अमला कार्यालय पर धमक पड़ा। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने अन्य अफसरों और पुलिस फोर्स, पीएसी के साथ छापेमारी की। अफसरों को देख दलाल और आउटसाइडर बाउंड्रीवाल फांदकर भागने लगे। एक दलाल के पैर में चोट लग गई। कार्यालय के सभी गेट पर पुलिस बल तैनात कर कार्यालय से निकलने वाले युवकों से पूछताछ की गई। डीएम ने कार्यालय के आसपास खुली अवैध दूकानों को हटवाने का निर्देश दिया।
बुधवार को दोपहर करीब 12.30 बजे जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस अधीक्षक सचींद्र पटेल के साथ एडीएम हरिलाल यादव, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार, सीओ ज्ञानपुर रामकरन, कोतवाली ज्ञानपुर पुलिस, महिला थाने की पुलिस, पीएसी बल के जवान एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। अचानक अफसरों के पहुंचते ही उप संभागीय परिवहन कार्यालय में भगदड़ मच गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ दफ्तर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक चक्रव्यूह को देख दलाल बाउंड्रीवाल को फांदकर भागने लगे। इस दौरान एक दलाल के पैर में चोट लग गई। पुलिस ने 13 दलालों को हिरासत में लेकर उनका चालान किया। डीएम और एसपी ने कार्यालय परिसर में आए एक-एक व्यक्ति से पूछताछ की और आने का कारण पूछा। जिलाधिकारी ने एआरटीओ सत्येंद्र यादव को निर्देश दिया कि दलालों और आउट साइडरों को कार्यालय में आने से रोकें अन्यथा उन पर कार्रवाई तय की जाएगी। दफ्तर के बाहर ठेले पर चल रहे फोटोकापी मशीन समेत अन्य दूकानों को हटवाने का निर्देश सीओ ज्ञानपुर को दिया। एएसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि 13 लोगों को हिरासत में लेकर चालान किया गया है। समय-समय पर निगरानी की जाएगी।
काली कोट के सहारे बच निकले कई आउटसाइडर
ज्ञानपुर। प्रशासन डाल-डाल तो मास्टरमाइंड दलाल और आउटसाइडर पात-पात निकले। बुधवार को एआरटीओ दफ्तर पर जब प्रशासनिक अमला पहुंचा तब आम जनता से सीधे पैसा मांगने वाले आउटसाइडर और दलाल बचने के लिए काली कोट पहनकर वकील साहब बन गए। इस दौरान मौका पाकर खिसकने में कामयाब रहे। बताते चलें कि एआरटीओ कार्यालय में दलाली करने वाले कई लोग बचने के लिए फर्जी आई कार्ड बनवाए हैं। साथ ही दफ्तर में काली कोट भी लेकर जाते हैं।
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अपनी कार्यप्रणाली को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले उप संभागीय परिवहन कार्यालय पर बुधवार को उस समय भगदड़ मच गई, जब पूरा प्रशासनिक अमला कार्यालय पर धमक पड़ा। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने अन्य अफसरों और पुलिस फोर्स, पीएसी के साथ छापेमारी की। अफसरों को देख दलाल और आउटसाइडर बाउंड्रीवाल फांदकर भागने लगे। एक दलाल के पैर में चोट लग गई। कार्यालय के सभी गेट पर पुलिस बल तैनात कर कार्यालय से निकलने वाले युवकों से पूछताछ की गई। डीएम ने कार्यालय के आसपास खुली अवैध दूकानों को हटवाने का निर्देश दिया।
बुधवार को दोपहर करीब 12.30 बजे जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस अधीक्षक सचींद्र पटेल के साथ एडीएम हरिलाल यादव, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार, सीओ ज्ञानपुर रामकरन, कोतवाली ज्ञानपुर पुलिस, महिला थाने की पुलिस, पीएसी बल के जवान एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। अचानक अफसरों के पहुंचते ही उप संभागीय परिवहन कार्यालय में भगदड़ मच गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ दफ्तर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक चक्रव्यूह को देख दलाल बाउंड्रीवाल को फांदकर भागने लगे। इस दौरान एक दलाल के पैर में चोट लग गई। पुलिस ने 13 दलालों को हिरासत में लेकर उनका चालान किया। डीएम और एसपी ने कार्यालय परिसर में आए एक-एक व्यक्ति से पूछताछ की और आने का कारण पूछा। जिलाधिकारी ने एआरटीओ सत्येंद्र यादव को निर्देश दिया कि दलालों और आउट साइडरों को कार्यालय में आने से रोकें अन्यथा उन पर कार्रवाई तय की जाएगी। दफ्तर के बाहर ठेले पर चल रहे फोटोकापी मशीन समेत अन्य दूकानों को हटवाने का निर्देश सीओ ज्ञानपुर को दिया। एएसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि 13 लोगों को हिरासत में लेकर चालान किया गया है। समय-समय पर निगरानी की जाएगी।
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काली कोट के सहारे बच निकले कई आउटसाइडर
ज्ञानपुर। प्रशासन डाल-डाल तो मास्टरमाइंड दलाल और आउटसाइडर पात-पात निकले। बुधवार को एआरटीओ दफ्तर पर जब प्रशासनिक अमला पहुंचा तब आम जनता से सीधे पैसा मांगने वाले आउटसाइडर और दलाल बचने के लिए काली कोट पहनकर वकील साहब बन गए। इस दौरान मौका पाकर खिसकने में कामयाब रहे। बताते चलें कि एआरटीओ कार्यालय में दलाली करने वाले कई लोग बचने के लिए फर्जी आई कार्ड बनवाए हैं। साथ ही दफ्तर में काली कोट भी लेकर जाते हैं।
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