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हरे पेड़ों पर आरियां चलाकर काट रहे चांदी
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जंगीगंज। पूरे प्रशासनिक अमले के चुनाव में जुटने पर वन माफिया हरे पेउ़ों पर आरियां चलाकर चांदी काट रहे हैं।आचार संहिता और परमिशन को ताक पर रख इन दिनों वन माफिया की सक्रियता डीघ क्षेत्र में बढ़ गई है।
बता दें कि क्षेत्र का तटवर्ती इलाका हो या फिर समवर्ती क्षेत्र। जनप्रतिनिधि से लेकर धनाढ्य लोग व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए कीमती आम, महुआ, नीम आदि के हरे पेड़ों की बलि चढ़ रहे हैं। वहीं औने-पौने दामों में पेड़ों की खरीद-फरोख्त करने के बाद उससे वन माफिया चांदी काट रहे हैं। विभाग भी इन पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इसका कारणश् विभागीय अधिकारियों का चुनाव कार्यों में जुटना भी माना जा रहा है।
डीएफओ पीसी सिंह का कहना है कि मामले संज्ञान में आए हैं जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि लिप्टस, बबूल के पेड़ों की कटाई पर कोई रोकटोक नहीं है। आम, महुआ समेत अन्य फलवार व छायादार पौधों की कटाई पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
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कुर्सी-मेज के नाम पर काटे गए लिप्टस के पेड़
जंगीगंज। गत वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल प्राथमिक विद्यालय प्रथम दरवांसी को माडल विद्यालय का दर्जा देने के लिए भले ही 15 लाख खर्च किया जा रहा हो, लेकिन विद्यालय परिसर में वर्षों पुराने दो लिपटस के पेड़ों को कटवा दिया जाना ग्रामवासियों को हैरत में डाल दिया है। इसके लिए न तो बीएसए और न ही खंड शिक्षाधिकारी से अनुमति लेने की जरूरत समझी गई। ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह बाबा ने कहा हिक बच्चों के लिए कुर्सी-मेज का निर्माण कराने के लिए पेड़ कटवाया गया था।
बता दें कि क्षेत्र का तटवर्ती इलाका हो या फिर समवर्ती क्षेत्र। जनप्रतिनिधि से लेकर धनाढ्य लोग व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए कीमती आम, महुआ, नीम आदि के हरे पेड़ों की बलि चढ़ रहे हैं। वहीं औने-पौने दामों में पेड़ों की खरीद-फरोख्त करने के बाद उससे वन माफिया चांदी काट रहे हैं। विभाग भी इन पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इसका कारणश् विभागीय अधिकारियों का चुनाव कार्यों में जुटना भी माना जा रहा है।
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डीएफओ पीसी सिंह का कहना है कि मामले संज्ञान में आए हैं जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि लिप्टस, बबूल के पेड़ों की कटाई पर कोई रोकटोक नहीं है। आम, महुआ समेत अन्य फलवार व छायादार पौधों की कटाई पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
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कुर्सी-मेज के नाम पर काटे गए लिप्टस के पेड़
जंगीगंज। गत वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल प्राथमिक विद्यालय प्रथम दरवांसी को माडल विद्यालय का दर्जा देने के लिए भले ही 15 लाख खर्च किया जा रहा हो, लेकिन विद्यालय परिसर में वर्षों पुराने दो लिपटस के पेड़ों को कटवा दिया जाना ग्रामवासियों को हैरत में डाल दिया है। इसके लिए न तो बीएसए और न ही खंड शिक्षाधिकारी से अनुमति लेने की जरूरत समझी गई। ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह बाबा ने कहा हिक बच्चों के लिए कुर्सी-मेज का निर्माण कराने के लिए पेड़ कटवाया गया था।