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Bhadohi News: काशी नरेश विश्वविद्यालय में कुलपति सहित छह पदों का सृजन

Sat, 21 Feb 2026 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 01:42 AM IST
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Creation of six posts, including the Vice-Chancellor, at Kashi Naresh UCreation of six posts, including the Vice-Chancellor, at Kashi Naresh Universityniversity
केएनपीजी कालेज ज्ञानपुर का मेन गेट। संवाद
ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर अब पूर्ण रूप से काशी नरेश विश्वविद्यालय के स्वरूप में आ चुका है। विश्वविद्यालय के प्रशासकीय गतिविधियों के संचालन के लिए कुलपति समेत कुल छह पदों का सृजन कर दिया गया है। इसके लिए शासन के उप सचिव रामजन्म चौहान ने कुलसचिव को पत्र भेजा है। इन पदों को अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2026 तक के लिए इस शर्त के साथ सृजित किया गया है कि इसके पहले बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त न कर दिया जाए।
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प्रदेश के सबसे प्राचीन महाविद्यालय में शामिल काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाने की मांग ढाई से तीन दशक से चल रही थी, हालांकि इसको अमलीजामा पहनाने की पहल कुछ महीने पहले शुरू की गई। जिले में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद महाविद्यालय की जमीन, व्यवस्थाओं की रिपोर्ट जिला स्तर से भेजी गई। विधानसभा की बैठक में घोषणा होने के बाद राज्यपाल ने इसकी संस्तुति दी। बजट में इसके लिए 21 करोड़ की स्वीकृति भी मिल गई है। करीब 10 दिन पहले काशी नरेश विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ गया। जब उप सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में काशी नरेश विश्वविद्यालय के लिए कुलपति सहित वित्त अधिकारी, कुल सचिव, परीक्षा नियंत्रक, उप कुलसचिव और सहायक कुल सचिव के पद का सृजन किया गया। सभी पदों के लिए अलग-अलग वेतनमान और भत्तों को तय किया गया है। उक्त सभी पदों पर वही वेतनमान और अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी जो शासन की ओर से समय-समय पर स्वीकृत की जाएगी। उधर, पद सृजन के साथ-साथ महाविद्यालय पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय के स्वरूप में आ चुका है।
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केएनपीजी का सफरनामा

एक अगस्त 1951 : काशी नरेश ने रखी आधारशिला।
अब तक संबद्धता : आगरा विश्वविद्यालय (1951-1959), गोरखपुर विश्वविद्यालय (1959-1988), पूर्वांचल विवि जौनपुर (1988-1995), काशी विद्यापीठ, वाराणसी (1995-2025) और विंध्याचल विवि (2025)।
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22 सितंबर, 2025 : विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत महाविद्यालय को विवि बनाने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति।

30 अक्तूबर, 2025: नए विश्वविद्यालय के रूप में उन्नत करने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दी।

15 जनवरी, 2026: 26वां राज्य विश्वविद्यालय बना केएनपीजी।

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6000 विद्यार्थी

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