भदोही। चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस के प्रकोप से भदोही के कालीन उद्योग को तगड़ा झटका लगा है। पहले चीन में प्रस्तावित डोमोटेक्स चाइना-एशिया फ्लोर रद हुआ और अब भारत में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो को भी रद करना पड़ा। कहा जा रहा है कि अभी कालीन उत्पादन पर इसका असर नहीं पड़ा है, लेकिन भारी मात्रा में तैयार माल गोदामों में डंप हो गया है। अनुमान के मुताबिक अकेले चाइना डोमोटेक्स और इंडिया कारपेट एक्सपो को रद होने से लगभग 600 करोड़ का नुकसान हुआ है। देश का सालाना कालीन निर्यात 12 हजार करोड़ है। उत्तर प्रदेश ही नहीं राजस्थान, हरियाणा, कश्मीर, बंगाल में उत्पादिन कालीनों से इसकी भरपाई होती है, जिसमें से 50 प्रतिशत उत्पादन भदोही और मिर्जापुर में होता है। उद्योग का पहला झटका फरवरी में लगा जब चाइना फेयर रद हुआ। यहां कालीन उद्यमी 200 करोड़ का व्यवसाय कर लेते थे। मार्च में नई दिल्ली एक्सपो रद होने से लगभग 400 करोड़ के व्यवसाय की चोट उद्योग को लगी। फेयर आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन ने कहा कि 600 करोड़ व्यवसाय सृजन का नुकसान तो हुआ ही है, यूरोप, यूएस समेत, कनाडा आदि को भारी भरकम कालीन निर्यात होता है, जिस पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बताया कि यदि कोरोना का भय लंबा खिंचा तो आने वाले समय में विभिन्न देशों से कालीनों के ऑर्डर रद हो सकते हैं, जिसका दूरगामी परिणाम हो सकता है। उन्होंने निर्यातकों का आह्वान किया कि वे अपने खरीदारों के संपर्क में रहें और जहां तक हो सके उनके निर्देशन में ही कालीनों का उत्पादन करें।