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Bhadohi News: दो सीएचसी और उपकेंद्र का सीएमओ ने किया निरीक्षण, गायब मिले अधीक्षक समेत 34 स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोका
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ज्ञानपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक ने सोमवार को दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और दो उपकेंद्र का औचक निरीक्षण किया। जिसमें अधीक्षक गोपीगंज समेत 34 स्वास्थ्यकर्मी गायब मिले। सीएचसी पर अनुपस्थित मिले कर्मियों का एक दिन जबकि उपकेंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों का सात-सात दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। अरई और भरतपुर में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए अधीक्षक को निर्देश दिया।
सोमवार सुबह आठ बजे सीएमओ गोपीगंज सीएचसी पहुंचे। उपस्थित रजिस्टर का अवलोकन किया तो स्टाफ नर्स, परामर्शदाता, एलटी, फार्मासिस्ट, चिकित्साधिकारी, वार्ड ब्वाय समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी गायब मिले। जिसमें अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय के अलावा डॉ. शंकर सुवन, श्याम किशोर शुक्ला, सीमा, राम अचल आजाद, अभिनव द्विवेदी, राम नयन, आशा सिंह, नंदलाल प्रसाद, मो. अनीस, श्रीराम उपाध्याय, निर्मल कुमार सिंह, चंद्र योगेश, वीरेंद्र कुमार, भावना राम जाटव, रजनी सिंह, रवि पाल, लालसा, राधिका पाल, पूनम उपाध्याय, जितेंद्र कुमार, प्रिया मोदनवाल समेत कुल 23 लोग शामिल रहे। सीएमओ सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर डीघ सीएचसी पर पहुंचे। यहां राजेंद्र मौर्य, शशि शुक्ला, मनोज कुमार, राजीव यादव, ऋषि ज्ञानेश, मंजीत श्रीवास्तव, धनेश कुमार सहित कुल नौ लोग अनुपस्थित रहे। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर अनुपस्थित 32 लोगों का एक-एक दिन का वेतन रोकते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण का निर्देश दिया। सुबह नौ बजे अरई उपकेंद्र का निरीक्षण किया। यहां एएनएम शिल्पी तिवारी, सीएचओ सपना मौजूद नहीं थे। दोनों का सात-सात दिन का वेतन रोका गया। उपकेंद्र बनकर तैयार होने के बाद भी किराये के भवन में चल रहा है। आवागमन के लिए रास्ता नहीं है। बिजली बांस-बल्ली के सहारे ली गई है। उपकेंद्र अरई में भी बिजली कनेक्शन की स्थिति ठीक नहीं मिली। अधीक्षक डीघ को निर्देश दिया कि सुविधानुसार खंभे आदि लगवाकर व्यवस्था में सुधार किया जाए।
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इनसेट
नहीं थम रही स्वास्थ्य कर्मियों की लेटलतीफी
सरकारी अस्पतालों में गिने-चुने स्वास्थ्यकर्मी ही समय से पहुंचते हैं। देर से आना और जल्दी जाना उनकी आदत सी बन गई है। शासन का निर्देश है कि सुबह आठ बजे तक चिकित्सक समेत सभी अस्पताल पहुंचे, लेकिन अधिकतर लोग नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को निरीक्षण में यह साफ भी हो गया।
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सोमवार सुबह आठ बजे सीएमओ गोपीगंज सीएचसी पहुंचे। उपस्थित रजिस्टर का अवलोकन किया तो स्टाफ नर्स, परामर्शदाता, एलटी, फार्मासिस्ट, चिकित्साधिकारी, वार्ड ब्वाय समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी गायब मिले। जिसमें अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय के अलावा डॉ. शंकर सुवन, श्याम किशोर शुक्ला, सीमा, राम अचल आजाद, अभिनव द्विवेदी, राम नयन, आशा सिंह, नंदलाल प्रसाद, मो. अनीस, श्रीराम उपाध्याय, निर्मल कुमार सिंह, चंद्र योगेश, वीरेंद्र कुमार, भावना राम जाटव, रजनी सिंह, रवि पाल, लालसा, राधिका पाल, पूनम उपाध्याय, जितेंद्र कुमार, प्रिया मोदनवाल समेत कुल 23 लोग शामिल रहे। सीएमओ सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर डीघ सीएचसी पर पहुंचे। यहां राजेंद्र मौर्य, शशि शुक्ला, मनोज कुमार, राजीव यादव, ऋषि ज्ञानेश, मंजीत श्रीवास्तव, धनेश कुमार सहित कुल नौ लोग अनुपस्थित रहे। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर अनुपस्थित 32 लोगों का एक-एक दिन का वेतन रोकते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण का निर्देश दिया। सुबह नौ बजे अरई उपकेंद्र का निरीक्षण किया। यहां एएनएम शिल्पी तिवारी, सीएचओ सपना मौजूद नहीं थे। दोनों का सात-सात दिन का वेतन रोका गया। उपकेंद्र बनकर तैयार होने के बाद भी किराये के भवन में चल रहा है। आवागमन के लिए रास्ता नहीं है। बिजली बांस-बल्ली के सहारे ली गई है। उपकेंद्र अरई में भी बिजली कनेक्शन की स्थिति ठीक नहीं मिली। अधीक्षक डीघ को निर्देश दिया कि सुविधानुसार खंभे आदि लगवाकर व्यवस्था में सुधार किया जाए।
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नहीं थम रही स्वास्थ्य कर्मियों की लेटलतीफी
सरकारी अस्पतालों में गिने-चुने स्वास्थ्यकर्मी ही समय से पहुंचते हैं। देर से आना और जल्दी जाना उनकी आदत सी बन गई है। शासन का निर्देश है कि सुबह आठ बजे तक चिकित्सक समेत सभी अस्पताल पहुंचे, लेकिन अधिकतर लोग नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को निरीक्षण में यह साफ भी हो गया।