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सीईपीसी चुनाव निरस्त
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विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शांतमनु ने बीते वर्ष दो सितंबर से नौ सितंबर के बीच हुए कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) प्रशासनिक समिति के चुनाव को निरस्त कर दिया है। परिषद के पूर्व सदस्य संजय गुप्ता ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय में चुनाव याचिका दायर कर सीईपीसी मतदाता सूची में गड़बड़ी, बिना विलंब शुल्क लिए सैकड़ों लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने आदि को आधार बनाकर चुनाव को निरस्त करने की मांग की थी। इस पर सोमवार को उन्होंने चुनाव को अवैध घोषित करते हुए तत्काल नए सिरे 18 प्रशासनिक सदस्यों के चुनाव कराने के आदेश दिया। फैसले का स्वागत करते हुए वादी संजय गुप्ता ने कहा कि न्याय की जीत हुई है।
विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने अपने फैसले में कहा कि सीईपीसी सदस्यता शुल्क के लिए चार स्लैब बने हुए हैं। लेकिन शुल्क जमा करने में स्लैब को दरकिनार कर दिया गया। इतना ही नहीं चुनाव से पूर्व 5 जुलाई को जारी सर्कुलर में सदस्यों से विलंब शुल्क और सीए प्रमाण पत्र के साथ नवीनीकरण कराने को कहा गया लेकिन चुनाव पूर्व बिना सीए प्रमाण पत्र और बिना विलंब शुल्क के ही सैकड़ों लोगों को मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया। जिससे परिषद के न केवल राजस्व की क्षति हुई बल्कि परिषद के नियमों का भी उल्लंघन हुआ। इसी के चलते परिषद के मतदाताओं की संख्या 680 से 1345 तक हो गई थी। इससे पूर्व संजय गुप्ता की याचिका की सुनवाई के दौरान 27 दिसंबर को विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) ने वादी और प्रतिवादी को नोटिस जारी कर अपने कार्यालय में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था जिसमें वादी की ओर से संजय गुप्ता, अशोक अग्रवाल और पूर्व चेयरमैन ओपी गर्ग शामिल हुए थे। प्रतिवादी की ओर से सीईपीसी चेयरमैन उमर हमीद, चुनाव अधिकारी जगमोहन व अन्य लोग पहुंचे थे।
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विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने अपने फैसले में कहा कि सीईपीसी सदस्यता शुल्क के लिए चार स्लैब बने हुए हैं। लेकिन शुल्क जमा करने में स्लैब को दरकिनार कर दिया गया। इतना ही नहीं चुनाव से पूर्व 5 जुलाई को जारी सर्कुलर में सदस्यों से विलंब शुल्क और सीए प्रमाण पत्र के साथ नवीनीकरण कराने को कहा गया लेकिन चुनाव पूर्व बिना सीए प्रमाण पत्र और बिना विलंब शुल्क के ही सैकड़ों लोगों को मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया। जिससे परिषद के न केवल राजस्व की क्षति हुई बल्कि परिषद के नियमों का भी उल्लंघन हुआ। इसी के चलते परिषद के मतदाताओं की संख्या 680 से 1345 तक हो गई थी। इससे पूर्व संजय गुप्ता की याचिका की सुनवाई के दौरान 27 दिसंबर को विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) ने वादी और प्रतिवादी को नोटिस जारी कर अपने कार्यालय में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था जिसमें वादी की ओर से संजय गुप्ता, अशोक अग्रवाल और पूर्व चेयरमैन ओपी गर्ग शामिल हुए थे। प्रतिवादी की ओर से सीईपीसी चेयरमैन उमर हमीद, चुनाव अधिकारी जगमोहन व अन्य लोग पहुंचे थे।
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