UP News: औराई के ASDM, पूर्व तहसीलदार समेत 12 के खिलाफ केस, गिरा दिया था PM आवास; पढ़ें पूरा मामला
Bhadohi News: एससी-एसटी कोर्ट की इस कार्रवाई से पूरे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला एक वर्ष पहले का है। जिले के जाठी गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंचे अफसरों ने गरीब ग्रामीण का पीएम आवास ध्वस्त कर दिया था।
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एससीए-एसटी कोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम औराई के एएसडीएम, पूर्व तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, एसआई समेत 12 के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इससे तहसील प्रशासन में खलबली मच गई।
करीब एक साल पूर्व जाठी गांव में अतिक्रमण की तीन फीट जमीन की बजाए राजस्व एवं पुलिस टीम ने पीड़ित का प्रधानमंत्री आवास ही ध्वस्त कर दिया था। जिस पर उसने कोर्ट में वाद दाखिल किया। एक अगस्त को कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
कार्रवाई से मचा हड़कंप
जाठी गांव निवासी दिव्यांग रविशंकर का गांव में पीएम आवास है। उसने न्यायालय में कहा कि उसके बाप दादा उस जमीन पर कच्चा मकान बनाकर रहते आए हैं। सात साल पहले उसे प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मिला था। उसने अपना कच्चा मकान गिराकर उस पर आवास बनवाया। जहां उसका कच्चा मकान है उसी से कुछ जमीन छोड़कर गांव के सत्यदेव दुबे की जमीन है।
सत्यदेव ने एसडीएम कोर्ट के निर्देश पर अपनी जमीन की नापजोख कराई तो तीन फीट जमीन उसके आवास से सटकर निकली। 11 अक्टूबर 23 को औराई के एएसडीएम आकाश कुमार, तत्कालीन तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति, नायब तहसीलदार बलवंत उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक बैकुंठनाथ, लेखपाल संतोष जायसवाल, पुलिस टीम में एसआइ धीरेंद्र यादव, कांस्टेबल शंभूनाथ, चार अन्य पुलिस कर्मी व सत्यदेव बुलडोजर के साथ आए। अधिकारियों ने तीन फीट जमीन के साथ उसका आवास ही ढहा दिया।
वहीं अभिलेख में जो दो बिस्वा आबादी की जमीन थी उससे उसे बेदखल कर दिया। मामले को लेकर उन्होंने ज्ञानपुर कोतवाली, एसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रक दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय की शरण ली तो संज्ञान लिया गया। बुधवार को ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने सभी के खिलाफ एससीएसटी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।