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डाइंग हाउसों पर कार्रवाई से कालीन उद्योगों की बढ़ेगी परेशानी

Mon, 21 Dec 2020 09:50 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 21 Dec 2020 09:50 PM IST
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Carpet industries will face trouble due to action on drawing houses

भदोही जिले में शहर के डाइंग प्लांटों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से कालीन उद्यमियों में नाराजगी है। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) की इसी मुद्दे पर सोमवार को कालीन भवन में हुई आपात बैठक में लोगों ने कहा कि जनवरी में वर्चुअल मेला है। मई में जर्मनी में डोमोटेक्स प्रस्तावित है। यदि ऐसे ही चलता रहा तो हम कहां से तैयारी कर पाएंगे।

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उपस्थित सदस्यों ने इस पर जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और लखनऊ में अधिकारियों से मिल कर अपना पक्ष रखने और तत्काल बंद डाइंग हाउसों को खोलने की मांग करने की बात कही।
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निर्यातक दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि कार्रवाई का यह तरीका नहीं होना चाहिए। यदि एक डाइंग हाउस से समस्या है तो सभी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इससे पूरे कालीन उद्योग की परेशानी बढ़ेगी।
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निर्यातक और डाइंग हाउस संचालक पंकज बरनवाल ने कहा कि आप मोरवा नदी के पानी की जांच करेंगे तो सभी पर शक करेंगे, इसलिए होना यह चाहिए कि डाइंग हाउसों से डिस्चार्ज हो रहे पानी की जांच करें। रूपेश बरनवाल ने कहा कि अगर कोई गलत है तो कार्रवाई निश्चित रूप से होनी चाहिए, लेकिन सबके खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो इंडस्ट्री ठप हो जाएगी। इससे उद्योग प्रभावित होंगे।

बैठक में तय किया गया कि एकमा उद्योग की ओर से पक्ष रखने के लिए लखनऊ जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिल कर समाधान ढूंढेगी। वक्ताओं ने कहा कि एक टीम लखनऊ जाएगी और एक टीम जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से मिल कर अपनी समस्या रखेगी। बैठक में पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया, तनवीर हुसैन, असलम महबूब, हाजी अब्दुल हादी, संजय गुप्ता, आरके बोथरा ने भी विचार व्यक्त किए। शमीम अंसारी, जेपी गुप्ता, शिवसागर तिवारी, इम्तियाज अंसारी, भरत लाल मौर्य, ओपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि उनका सबसे पहला प्रयास यह होगा कि बंद डाइंग हाउसों को चालू कराया जाए। कहा तीन डाइंग हाउस पूरे मानक के साथ डाइंग प्लांट चलाते हैं। ऐसे में उनका प्लांट तत्काल बहाल कराया जाना चाहिए। कहा जानकारी मिली है कि कुछ लोग मानकों को पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में उन्हें भी मानकों को पूरा कर लेने तक कुछ समय के लिए मोहलत दिलाने का प्रयास होगा। इसके लिए वे मंगलवार को लखनऊ जाएंगे। वहां सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता होगी।

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