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Bhadohi News: 20 लाख की आबादी पर हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं

Wed, 29 Oct 2025 01:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 01:38 AM IST
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Cardiologist not deployed for population of 20 lakhs
ज्ञानपुर। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से हार्ट संबंधी रोगियों की समस्या बढ़ गई है। हृदय के मरीजों को अपने रूटीन चेकअप के लिए निजी अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं, जो वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिलों में अपना उपचार कराते हैं। अपने रूटीन चेकअप के लिए उन्हें बार-बार दूसरे जिलों का चक्कर लगाना होता है।
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जिले की आबादी करीब 20 लाख की आसपास है। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से स्वास्थ्य विभाग के पास जनपद के हार्ट संबंधी मरीजों का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। इसके बाद भी अस्पतालों में हर दिन औसतन 10 से 15 मरीज हार्ट संबंधी समस्या को लेकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, जहां उन्हें फिजीशियन द्वारा ही चिकित्सकीय सलाह मिलती है। बदलते समय में हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ी है। युवा से लेकर प्रौढ़ और बुजुर्ग तक इस समस्या से ग्रसित हैं। 20 लाख की आबादी वाले जिले में हार्ट संबंधी चिकित्सक न होने से मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचकर अपना उपचार कराना होता है। वहीं जो मरीज निजी अस्पताल में उपचार कराने में सक्षम नहीं होते। वे प्रयागराज और वाराणसी जैसे जनपदों में पहुंचकर दवा लेते हैं। हार्ट के मरीजों को तत्काल उपचार की जरूरत होती है, लेकिन ह्रदय रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को अन्य जनपदों का चक्कर लगाना होता है। कई बार तत्काल उपचार न मिल पाने से मरीजों की जान पर बन आती है।
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बोले मरीज-
मैं 15 साल से हार्ट संबंधी समस्या से पीड़ित हूं। बेटा भोपाल रहता है। वहीं पर इलाज भी चलता है। रूटीन चेकअप के लिए हर छह माह में वहां जाते हैं। दवा भी वहीं चलती है। - शीतला प्रसाद पांडेय, महजूदा।
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आठ साल से हार्ट संबंधी समस्या है। जिले में कोई चिकित्सक न होने से प्रयागराज में दिखाने के लिए जाते हैं। आने-जाने में परेशानी होती है। - दिनेश कुमार, पुरानी बाजार।

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पद सृजित न होने से विभागीय विवशता
जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद ही सृजित नहीं है। इससे विभागीय विवशता रहती है कि वे यहां हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती को शासन को पत्र भी नहीं लिख सकते हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक के अनुसार सौ शय्या परिसर में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कराया जा रहा है। जिसे पीपीपी मॉडल से संचालित किया जाना है। इसमें ह्रदय रोग विशेषज्ञ का एक पद है। यूनिट का संचालन होने के बाद मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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