{"_id":"6acd3f4cd7a33cffd302aed0","slug":"high-tension-wire-hazard-low-voltage-preparations-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-149955-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: खतरा हाईटेंशन तार का, तैयारी लो-वोल्टेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: खतरा हाईटेंशन तार का, तैयारी लो-वोल्टेज
विज्ञापन
भदोही के मेनरोड पर हाईटेंशन तार के नीचे सजा पंडाल। संवाद
ज्ञानपुर। नवरात्र शुरू होते ही जिले के देवी पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित करने और पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पंचमी से पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित करना भी शुरू कर दिया जाएगा। शाम होते ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगेगी, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को लेकर जिम्मेदारों की तैयारियां सवालों के घेरे में हैं। सोमवार को हमारी टीम ने पड़ताल की तो कई प्रमुख पंडालों के पास बिजली के तार लटकते मिले। कहीं तार लोहे के ढांचे के करीब हैं, तो कहीं पंडालों के पास से गुजर रहे हैं।
जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में करीब 750 से ज्यादा पूजा पंडाल स्थापित होते हैं, लेकिन इनमें बड़े पंडालों की संख्या करीब 50 है। भदोही, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, नई बाजार, बाबूसराय आदि स्थानों पर स्थापित होने वाले इन पंडालों में नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। सोमवार को हमारी की टीम ने पड़ताल की तो भदोही के मेनरोड, मोढ़ बाजार और सुरियावां में स्थापित पंडाल हाईटेंशन तारों के नीचे या उनके बगल में मिले। समितियों की ओर से भले ही पंडालों की लंबाई घटा दी गई है, लेकिन सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
भदोही के मेनरोड पर खतरे के बीच बन रहा पंडाल
भदोही के मेनरोड पर बाटा पंडाल आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यहां 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पंडाल के ऊपर से गुजर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
मोढ़ बाजार में 440 वोल्ट की लाइन के पास पंडाल
मोढ़ बाजार के पश्चिमी छोर पर पंडाल बनाया गया है। यह पंडाल भी 440 वोल्ट की बिजली लाइन के पास है। समितियों की ओर से सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दिया गया है।
पंडाल में आग से 22 लोगों की गई थी जान
औराई के नरथुआं स्थित पूजा पंडाल में सप्तमी के दिन दो अक्तूबर 2022 की रात पंडाल में आग लगने से छोटे बच्चों और महिलाओं समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी संख्या में लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। ऐसे में पूजा पंडालों में सुरक्षा और सतर्कता नहीं बरती गई, तो ऐसी घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूजा पंडाल में करंट से युवक की हुई थी मौत
भदोही कोतवाली क्षेत्र के मर्यादपट्टी में 22 सितंबर 2026 को श्रीगणेश पूजनोत्सव के दौरान पंडाल में करंट उतर गया था। हादसे में 18 वर्षीय आदित्य सरोज की मौत हो गई थी, जबकि 17 वर्षीय शनि सरोज और 21 वर्षीय अभिषेक झुलस गए थे। खंभे के पास पंडाल लगाए जाने के कारण यह हादसा हुआ था।
सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय
- पंडाल तीन मीटर से अधिक ऊंचाई का नहीं होना चाहिए।
- पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- पंडाल के चारों तरफ 4.5 मीटर खुला स्थान होना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
- पंडाल किसी भी स्थिति में बिजली की लाइन के नीचे नहीं लगाया जाना चाहिए।
जिले में पूजा पंडालों की स्थिति
थाना पंडालों की संख्या
ज्ञानपुर
59
गोपीगंज 142
कोइरौना
45
ऊंज
37
भदोही 162
सुरियावां 148
दुर्गागंज
36
औराई
81
चौरी
84
वर्जन
नियम के अनुसार, समितियां एसडीएम के यहां आवेदन करती हैं। यहां से अग्निशमन, बिजली और पुलिस विभाग से जांच कराई जाती है। प्रस्तावित पंडालों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। मानकों के अनुरूप काम करने और शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के बारे में पूजा समितियों को जानकारी दी जा रही है। - ओम प्रकाश, अग्निशमन अधिकारी, भदोही
सभी पंडाल आयोजकों को अस्थायी कनेक्शन लेने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईटेंशन विद्युत तारों के नीचे पंडाल नहीं लगाने की अपील की गई है। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी है। भदोही के बाटा पंडाल के ऊपर से गुजरने वाली लाइन की नौ दिनों तक सप्लाई बंद की जाती है। - मनीष कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग
विज्ञापन
जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में करीब 750 से ज्यादा पूजा पंडाल स्थापित होते हैं, लेकिन इनमें बड़े पंडालों की संख्या करीब 50 है। भदोही, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, नई बाजार, बाबूसराय आदि स्थानों पर स्थापित होने वाले इन पंडालों में नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। सोमवार को हमारी की टीम ने पड़ताल की तो भदोही के मेनरोड, मोढ़ बाजार और सुरियावां में स्थापित पंडाल हाईटेंशन तारों के नीचे या उनके बगल में मिले। समितियों की ओर से भले ही पंडालों की लंबाई घटा दी गई है, लेकिन सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
भदोही के मेनरोड पर खतरे के बीच बन रहा पंडाल
भदोही के मेनरोड पर बाटा पंडाल आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यहां 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पंडाल के ऊपर से गुजर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
मोढ़ बाजार में 440 वोल्ट की लाइन के पास पंडाल
मोढ़ बाजार के पश्चिमी छोर पर पंडाल बनाया गया है। यह पंडाल भी 440 वोल्ट की बिजली लाइन के पास है। समितियों की ओर से सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दिया गया है।
पंडाल में आग से 22 लोगों की गई थी जान
औराई के नरथुआं स्थित पूजा पंडाल में सप्तमी के दिन दो अक्तूबर 2022 की रात पंडाल में आग लगने से छोटे बच्चों और महिलाओं समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी संख्या में लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। ऐसे में पूजा पंडालों में सुरक्षा और सतर्कता नहीं बरती गई, तो ऐसी घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूजा पंडाल में करंट से युवक की हुई थी मौत
भदोही कोतवाली क्षेत्र के मर्यादपट्टी में 22 सितंबर 2026 को श्रीगणेश पूजनोत्सव के दौरान पंडाल में करंट उतर गया था। हादसे में 18 वर्षीय आदित्य सरोज की मौत हो गई थी, जबकि 17 वर्षीय शनि सरोज और 21 वर्षीय अभिषेक झुलस गए थे। खंभे के पास पंडाल लगाए जाने के कारण यह हादसा हुआ था।
सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपाय
- पंडाल तीन मीटर से अधिक ऊंचाई का नहीं होना चाहिए।
- पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- पंडाल के चारों तरफ 4.5 मीटर खुला स्थान होना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
- पंडाल किसी भी स्थिति में बिजली की लाइन के नीचे नहीं लगाया जाना चाहिए।
जिले में पूजा पंडालों की स्थिति
थाना पंडालों की संख्या
ज्ञानपुर
59
गोपीगंज 142
कोइरौना
45
ऊंज
37
भदोही 162
सुरियावां 148
दुर्गागंज
36
औराई
81
चौरी
84
वर्जन
नियम के अनुसार, समितियां एसडीएम के यहां आवेदन करती हैं। यहां से अग्निशमन, बिजली और पुलिस विभाग से जांच कराई जाती है। प्रस्तावित पंडालों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। मानकों के अनुरूप काम करने और शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के बारे में पूजा समितियों को जानकारी दी जा रही है। - ओम प्रकाश, अग्निशमन अधिकारी, भदोही
सभी पंडाल आयोजकों को अस्थायी कनेक्शन लेने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईटेंशन विद्युत तारों के नीचे पंडाल नहीं लगाने की अपील की गई है। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी है। भदोही के बाटा पंडाल के ऊपर से गुजरने वाली लाइन की नौ दिनों तक सप्लाई बंद की जाती है। - मनीष कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग