ज्ञानपुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 में विभिन्न प्रदेशों से आकर जिले में बेरोजगारी का सामना कर रहे प्रवासियों को अभियान चलाकर बैंक खातों में इमदाद न भेजी गई तो भाकपा कार्यकर्ता सड़क से सदन तक आंदोलन चलाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की कथनी-करनी की पोल खोलेंगे। उक्त चेतावनी बुधवार को जिला मुख्यालय पर एकजुटता दिखाते हुए भाकपा मार्क्सवादी- लेनिनवादी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए दी।
आरोप लगाया कि जिले में 60 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर दिल्ली, मुंबई, नोएड, कानपुर, गोरखपुर, सूरत, कोल्हापुर, अहमदाबाद, सिकंदराबाद, कानपुर, गाजियाबाद, पटना आदि प्रदेशों से आकर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, जिनको शासन स्तर से मिलने वाली इमदाद की दूसरी किस्त तो दूर प्रथम भी नहीं मिल पाई। सरकार मजदूर, गरीब, दिव्यांग, किसान, बेरोजगारों की हितैषी बनने का दावा करती है। लेकिन, ये दावे खोखले हैं। खोखले दावों का ही परिणाम है कि नोटबंदी से लाकडाउन तक आमजन महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध का दंश झेलते आ रहे हैं। किसानों के दम पर पुन: सरकार बनाने का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार को हालात देख पद से हट जाना चाहिए। क्योंकि अब गरीब से गरीब और सभ्रांतजन झूठे वादों से ऊब चुके हैं, जिसका जवाब भी आगामी दिनों के चुनावों में देखने को मिल जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में राजनाथ गौतम शिवबहादुर, लालमणि, दिनेश पाल, दिनेश गौतम, दया गौतम, सत्यनारायण, विनोद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।