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बुलेट ट्रेन: माधोसिंह सिंह में ठहराव के लिए बन सकता है स्टेशन

Sun, 20 Feb 2022 12:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:40 AM IST
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Bullet Train: Station can be built for stoppage in Madho Singh Singh
बनारस से दिल्ली के लिए चलायी जाने वाली बुलेट ट्रेन के लिए तैयारी तेजी से चल रही है। जिले से होकर गुजरने वाली रेल लाइन के बीच में ठहराव के लिए स्थल भी तय किए जा रहे हैं। रेलवे ने जो डीपीआर तैयार की है, उसमें जिले के माधोसिंह में बुलेट ट्रेन के ठहराव के लिए स्टेशन बनाने का जिक्र किया गया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है। इसलिए अधिकारी अभी इस पर कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से कतरा रहे हैं। यदि बुलेट ट्रेन का ठहराव यहां हुआ तो करीब दो से तीन सौ लोगों के लिए सहूलियत हो जाएगी। यहां से प्रतिदिन इतने लोग देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर करते हैं। यहां उत्तरी छोर पर आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाए जाने की उम्मीद है।
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रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आधुनिक स्टेशन बनने का रास्ता धीरे-धीरे साफ हो रहा है। वाराणसी के राजातालाब से रूट भी उत्तरी से दक्षिणी छोर में परिवर्तित होगा। माधोसिंह के उत्तरी छोर पर एक किलोमीटर दायरे में संभावित आधुनिक स्टेशन से प्रतिदिन दो-तीन सौ यात्री राजधानी की 810 किलोमीटर की यात्रा तीन घंटे 41 मिनट में कर सकेंगे। रेलवे से जुड़े लोगों का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को हरी झंडी मिलने पर नेशनल हाईस्पीड रेल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने वाराणसी-प्रयागराज रूट पर सर्वे शुरू कराया था। इस रूट पर निर्माण कार्य चौथे चरण में शुरू होगा। इसके लिए अभी से ओवरब्रिज के निर्माण के बाबत पिलर का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वेयर राजकुमार का कहना है कि डीपीआर में माधोसिंह को आधुनिक स्टेशन बनाने के लिए प्रस्ताव शामिल किया गया है। हालांकि इसे अभी अंतिम नहीं माना जा सकता है। उधर, प्रोजेक्ट मैनेजर पुनीत अग्रवाल ने बताया डीपीआर में प्रति वर्ष फेरबदल हो रहा है। कार्य शुरू हो जाने पर ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है। उधर, नेशनल हाईस्पीड रेल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से माधोसिंह के उत्तरी छोर पर आधुनिक स्टेशन के निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है, लेकिन इस बाबत जमीन अधिग्रहण को लेकर चार गांवों के किसानों की बेचैनी बढ़ है। सहसेपुर, अमीरपट्टी, कठारी, पुरषोत्तमपुर के किसान रविशंकर मिश्रा, अनंतराम शुक्ला, गिरजा शंकर शुक्ला, नंदलाल गौतम, दयाशंकर शुक्ला, अमृतलाल शुक्ला, हिंछलाल ने बताया कि करीब 10 से 12 बीघा जमीन माधोसिंह के उत्तरी छोर से सटी है। किसानों ने कहा कि जमीन जाने का दुख नहीं है, बल्कि सर्किल दर से दोगुना मुआवजा कब मिलेगा, इसकी चिंता है। इनका यह भी कहना था कि दो वर्ष पहले हुए सर्वे में अभी तक एक भी किसानों के जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल सका है। सर्वेयर राजकुमार शुक्ला ने कहा कि वैसे तो किसानों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में नहीं आएगी, क्योंकि स्टेशन के लिए जितनी जमीन की जरूरत पड़ रही है, उतनी रेलवे के पास उपलब्ध है।
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