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Bhadohi News: हाशिए पर गई कई बार से बेहतर प्रदर्शन करने वाली बसपा
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करीब डेढ़ दशक पूर्व तक सूबे की सत्ता में अपनी अच्छी खासी पकड़ रखने वाली बहुजन समाज पार्टी भदोही में चुनाव दर चुनाव हासिए पर चली गई। परिसीमन के बाद पहले चुनाव में बसपा से गोरखनाथ पांडेय ने जीत दर्ज कर सदन में पहुंचे, लेकिन उसके बाद बसपा की हालत हर चुनावों में खराब होती गई।
2014 और 2019 में रनरअप रहने वाली पार्टी 2024 में तीसरे नंबर पर पहुंच गई। डेढ़ लाख मत लाने के बाद भी पार्टी जमानत नहीं बचा सकी। आजादी के बाद मिर्जापुर-भदोही लोकसभा संसदीय सीट रही। 2009 के चुनाव से पूर्व परिसीमन होने पर भदोही लोकसभा अस्तित्व में आई।
जिले की तीन ज्ञानपुर, औराई, भदोही और प्रयागराज की हंडिया, प्रतापपुर विधानसभा को जोड़कर भदोही लोकसभा बनाई गई। परिसीमन के बाद 2009 में पहला चुनाव हुआ। जिसमें बसपा के टिकट से गोरखनाथ पांडेय मात्र 13 हजार मतों से जीत दर्ज कर देश की सबसे बड़ी सदन में पहुंचे। उन्हें एक लाख 95 हजार 808 मत मिले, जबकि सपा के छोटेलाल बिंद को एक लाख 82 हजार वोट प्राप्त हुए।
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यहां से भाजपा के महेंद्रनाथ पांडेय पाचवें नंबर पर रहे। गोरखनाथ पांडेय को कुल 29.7 फीसदी मत मिले। 2014 में मोदी लहर में वीरेंद्र सिंह मस्त सांसद चुने गए। बसपा के राकेशधर त्रिपाठी को दो लाख 45 हजार 505, सपा की सीमा मिश्रा को दो लाख 38 हजार 215 मत मिले। 2014 में 25 प्रतिशत मत राकेशधर त्रिपाठी को मिला। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन में भदोही की सीट बसपा के पाले में गई।
पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा ने चुनाव लड़ा। रमेश चंद्र बिंद भाजपा से सांसद चुने गए। बसपा गठबंधन उम्मीदवार रंगनाथ मिश्र को कुल 44 प्रतिशत वोट मिले, हालांकि वोट प्रतिशत का शेयर 22 से 23 फीसदी मत मिला। 2024 के चुनाव में बसपा शुरू से ही हासिए पर दिखी। कैडर वोट तो सहेजने में सफल रही, लेकिन अन्य वर्ग का मत उसे नहीं मिल सका।
जिससे बसपा प्रत्याशी हरिशंकर सिंह दादा चौहान एक लाख 54 हजार 718 मत संग कुल 14.25 फीसदी मत प्रतिशत रहा। 2014 और 2019 से यह करीब 10 से 11 फीसदी कम हो गया।
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2014 और 2019 में रनरअप रहने वाली पार्टी 2024 में तीसरे नंबर पर पहुंच गई। डेढ़ लाख मत लाने के बाद भी पार्टी जमानत नहीं बचा सकी। आजादी के बाद मिर्जापुर-भदोही लोकसभा संसदीय सीट रही। 2009 के चुनाव से पूर्व परिसीमन होने पर भदोही लोकसभा अस्तित्व में आई।
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जिले की तीन ज्ञानपुर, औराई, भदोही और प्रयागराज की हंडिया, प्रतापपुर विधानसभा को जोड़कर भदोही लोकसभा बनाई गई। परिसीमन के बाद 2009 में पहला चुनाव हुआ। जिसमें बसपा के टिकट से गोरखनाथ पांडेय मात्र 13 हजार मतों से जीत दर्ज कर देश की सबसे बड़ी सदन में पहुंचे। उन्हें एक लाख 95 हजार 808 मत मिले, जबकि सपा के छोटेलाल बिंद को एक लाख 82 हजार वोट प्राप्त हुए।
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यहां से भाजपा के महेंद्रनाथ पांडेय पाचवें नंबर पर रहे। गोरखनाथ पांडेय को कुल 29.7 फीसदी मत मिले। 2014 में मोदी लहर में वीरेंद्र सिंह मस्त सांसद चुने गए। बसपा के राकेशधर त्रिपाठी को दो लाख 45 हजार 505, सपा की सीमा मिश्रा को दो लाख 38 हजार 215 मत मिले। 2014 में 25 प्रतिशत मत राकेशधर त्रिपाठी को मिला। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन में भदोही की सीट बसपा के पाले में गई।
पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा ने चुनाव लड़ा। रमेश चंद्र बिंद भाजपा से सांसद चुने गए। बसपा गठबंधन उम्मीदवार रंगनाथ मिश्र को कुल 44 प्रतिशत वोट मिले, हालांकि वोट प्रतिशत का शेयर 22 से 23 फीसदी मत मिला। 2024 के चुनाव में बसपा शुरू से ही हासिए पर दिखी। कैडर वोट तो सहेजने में सफल रही, लेकिन अन्य वर्ग का मत उसे नहीं मिल सका।
जिससे बसपा प्रत्याशी हरिशंकर सिंह दादा चौहान एक लाख 54 हजार 718 मत संग कुल 14.25 फीसदी मत प्रतिशत रहा। 2014 और 2019 से यह करीब 10 से 11 फीसदी कम हो गया।