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भदोही को %नेताजी% ने ही बनाया था जिला, रहा गहरा लगाव

Tue, 11 Oct 2022 01:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 01:06 AM IST
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Bhadohi was made the district by %Netaji%, there was deep attachment
भदोही जनपद गठन के बाद ज्ञानपुर के जीआईसी मैदान में सभा संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सि? - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। मखमली कालीनों के लिए प्रसिद्ध कालीन नगरी से सपा संरक्षक और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का खास लगाव रहा है। पार्टी गठन से लेकर राजनीति में सक्रिय रहने तक वह जुड़े रहे। यही कारण रहा कि लोगों की मांग पर 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग कर भदोही को नया जिला बना दिया। उनके निधन की खबर सुनकर समाजवादी पार्टी ही नहीं, विपक्ष के लोग भी मर्माहत हैं।
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सोमवार को सुबह नेताजी के निधन की खबर सुनकर जिले में भी शोक की लहर दौड़ गई। 1993 में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार बनी तो भदोही को अलग जिला बनाने की मांग जोर पकड़ चुकी थी। स्थानीय नेताओं की मांग पर 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग कर भदोही को जिला बना दिया। उसके बाद भदोही समाजवादी गढ़ बन गया। चुनाव में पाटी प्रत्याशियों की जीत तय मानी जाती रही। सपा के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व मंत्री रामरति बिंद ने बताया कि 1989 से वह नेताजी के साथ जुड़े रहे। पार्टी को खड़ा करने के लिए नेताजी गांव-गांव पैदल गए। उनका आशीर्वाद हमेशा भदोही को मिलता रहा। उनके जाने से लगता है कि अनाथ हो गए। गौरतलब है कि 2014 से पूर्व तक मुलायम सिंह यादव विधानसभा और लोकसभा चुुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार में यहां जरूर आते। 2014 में पूर्व विधायक विजय मिश्र की बेटी एवं लोकसभा प्रत्याशी सीमा मिश्र के प्रचार में वह अंतिम बार जिले में आए।
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गोपीगंज। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन की सूचना पर गोपीगंज नगर के अंजही महाल निवासी सभासद शिवशंकर गुप्त दुखी हो गए। उनसे मिले अपनत्व को याद कर फफक पड़े। कहा कि एक-एक कार्यकर्ता की पहचान रखने वाले नेताजी कि यही विशेषता उनको सबसे अलग करती है। 1985 में रामलीला मैदान मे आयोजित सभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप शामिल नेताजी की फोटो साझा करते हुए बताया कि सभा के उपरांत पैदल चलकर विभूति नारायण सिंह के आवास पर सहभोज में शामिल हुए। 1995 में नगर पालिका परिषद चुनाव के अंतिम समय में उनके अनुरोध पर पार्टी प्रत्याशी रहे आजाद अख्तर के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए नेताजी आए थे और फूलबाग में चुनावी सभा को संबोधित किया था।
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ज्ञानपुर। भदोही से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का खास नाता रहा है। उनके करीबी रहे निर्यातकों ने नेताजी के साथ की गई बात और बिताए पलों को साझा किया। हाजी अब्दुल रब अंसारी, गुलाम सरफुद्दीन अंसारी, असलम महबूब, शमीम अंसारी और हाजी फिरोज वजीरी का कहना है कि जब तक वे राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे तब और अब उनके बाद बेटे अखिलेश यादव उनके नक्शेकदम पर चल रहे हैं। यहां कई बार वैवाहिक कार्यक्रमों भी मुलायम सिंह यादव आ चुके है। आज वही संबंध मौजूदा सपा प्रमुख अखिलेश यादव निभा रहे हैं। निर्यातकों से मुलायम कुनबे का लगाव इतना अधिक था कि 2017 के चुनाव से पूर्व भदोही की एक सभा में निर्यातक से दुर्व्यवहार करना पूर्व विधायक विजय मिश्र तक को भारी पड़ गया। अंतत: चुनाव में उनका टिकट कट गया।
ज्ञानपुर। भदोही नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष रहे मो. आरिफ सिद्दीकी नेताजी को याद कर रुआंसे हो गए। कहा कि नेताजी एक-एक कार्यकर्ता से सीधे जुड़े थे। 16 साल की उम्र में ही वह पार्टी से जुड़ गए। उन्होंने बताया कि 1989 में अचानक नेताजी का फोन आया और मुझे लखनऊ बुला लिया। उसके बाद ट्रेन न छूट जाए, इसलिए भदोही स्टेशन पर काशी विश्वनाथ ट्रेन पकड़ने के लिए तीन घंटे पहले पहुंच गया। वह जब भी भदोही आते उन्हें आगे बढ़ाते। 1992 में युवजन सभा का जिलाध्यक्ष और उसके बाद यूथ ब्रिगेड का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वह आज नहीं है, लेकिन उनकी यादें हमेशा रहेंगी।

बात 2009 की है। भदोही विधानसभा की विधायक अर्चना सरोज के देहांत के बाद उपचुनाव हो रहा था। बाहुबली नेता विजय मिश्र का कद लगातार बढ़ रहा था और वह मुलायम सिंह यादव के नजदीकी हो गए थे। उन्होंने पैरवी कर समाजवादी पार्टी से मधुबाला पासी को टिकट दिला दिया। यूपी में मायावती की सरकार थी। बसपा नेता अपने प्रत्याशी को जिताने में जुटे हुए थे। विजय मिश्र भी मधुबाला पासी की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे थे। इसी दौरान मायावती सरकार ने विजय मिश्र की आपराधिक फाइल खोल दी। इसी समय लोकसभा का चुनाव भी होना था, विजय मिश्र के कहने पर यहां से छोटेलाल बिंद को टिकट दिया गया और उनके प्रचार करने के लिए मुलायम सिंह यादव पहुंचे थे। मंच पर बाहुबली विजय मिश्र भी मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस विजय की गिरफ्तारी के लिए पहुंच गई। भदोही के इंटर कॉलेज के मैदान में हो रही इस जनसभा में विजय मिश्र को इसकी भनक लग गई और उन्होंने मुलायम सिंह से अपनी नजदीकियों का फायदा उठाया। मुलायम सिंह उन्हें हेलिकॉप्टर में अपने साथ लेते गए। मुलायम सिंह का हेलिकॉप्टर उड़ गया और पुलिस देखते रह गई। इस वाकये की चर्चा जिले में खूब हुई।
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