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भदोही के युवक की जयपुर में मौत
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सीतामढ़ी। कोइरौना थानाक्षेत्र के कलिक मवैया गांव निवासी राधेश्याम चौबे उर्फ छोटू (30) की अहमदाबाद जाते समय जयपुर के किशनगढ़ के पास ट्रेन में मौत हो गई। तेज पेट दर्द के बाद उसने दम तोड़ दिया। घर के इकलौते कमाऊ पुत की अचानक हुई मौत से परिजनों पर दु:खों का पहाड़ टूट गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रोजी-रोटी के लिए राधेश्याम शनिवार की रात घर से अपने चचेरे भाई मंगल के साथ जयपुर जाने के लिए प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसे जयपुर में ट्रेन बदल कर अहमदाबाद की ट्रेन पकड़नी थी। दोनों भाई जयपुर पहुंचकर अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर बैठ कर नाश्ता किए। घर वालों के मुताबिक उसके थोड़ी देर बाद राधेश्याम के पेट में दर्द होने लगा। स्थानीय लोगों की सलाह पर चचेरे भाई चंचल ने सरकारी अस्पताल में इलाज कराया, जहां आराम मिलने पर दोनों जयपुर स्टेशन आ गए और अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। जब ट्रेन जयपुर से आगे बढ़ी तो राधेश्याम की तबीयत फिर बिगड़ने लगी।
सूचना पर टीटी, गार्ड और आरपीएफ के जवानों ने किशनगढ़ में ट्रेन रोकवाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजनों ने किशनगढ़ पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया। बुधवार को शव घर कलिक मवैया पहुंचा तो कोहराम मचा गया। आठ वर्षीय पुत्री दीपा अपने पापा के शव से लिपट कर बिलख रही थी। उसका करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो जा रहीं थीं। पांच वर्षीय पुत्र दीपांशु भी पापा के लिए बिलख रहा था।
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रोजी-रोटी के लिए राधेश्याम शनिवार की रात घर से अपने चचेरे भाई मंगल के साथ जयपुर जाने के लिए प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसे जयपुर में ट्रेन बदल कर अहमदाबाद की ट्रेन पकड़नी थी। दोनों भाई जयपुर पहुंचकर अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर बैठ कर नाश्ता किए। घर वालों के मुताबिक उसके थोड़ी देर बाद राधेश्याम के पेट में दर्द होने लगा। स्थानीय लोगों की सलाह पर चचेरे भाई चंचल ने सरकारी अस्पताल में इलाज कराया, जहां आराम मिलने पर दोनों जयपुर स्टेशन आ गए और अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। जब ट्रेन जयपुर से आगे बढ़ी तो राधेश्याम की तबीयत फिर बिगड़ने लगी।
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सूचना पर टीटी, गार्ड और आरपीएफ के जवानों ने किशनगढ़ में ट्रेन रोकवाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजनों ने किशनगढ़ पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया। बुधवार को शव घर कलिक मवैया पहुंचा तो कोहराम मचा गया। आठ वर्षीय पुत्री दीपा अपने पापा के शव से लिपट कर बिलख रही थी। उसका करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो जा रहीं थीं। पांच वर्षीय पुत्र दीपांशु भी पापा के लिए बिलख रहा था।
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