भदोही : छात्रा की मौत मामले में जांच करने गांव पहुंची पुलिस, लोगों से की पूछताछ
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भदोही पुलिस उपाधीक्षक भूषण वर्मा ने शुक्रवार को क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस के साथ दसवीं की छात्रा के गांव जा कर उसकी मौत की छानबीन की। पुलिस दल वहां तीन घंटे तक रहा। इस दौरान घटना के साक्ष्य जुटाए गए और कुछ ग्रामीणों से बात भी की।
इस दौरान वे उस ईंट भट्ठे पर भी गए, जहां पर परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे थे। पुलिस टीम के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। 17 अगस्त को छात्रा मवेशी चराने गई थी, जहां से गुम हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव वरुणा नदी में मिला था।
जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के घर, आसपास के खेत, जहां वह मवेशी चराने गई थी और वरुणा नदी के आसपास भी सूक्ष्म जांच की। खेत और पगडंडी का भी अवलोकन किया। पुलिस उस ईंट भट्ठे पर भी गई जहां सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेटी की हत्या का आरोप परिजन लगा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस को एक लालटेन, प्लास्टिक का डिब्बा, एक डंडा, रस्सी मिली है जिसे पुलिस ले गई है।
छात्रा के भाइयों ने सामूहिक दुष्कर्म की बात दोहराई
पुलिस टीम के लौटने के बाद छात्रा के परिजन पत्रकारों से खुल कर बोले। वहां मौजूद मृतका के बड़े भाई और छोटे भाई काफी मुखर रहे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान वे खुद पुलिस के साथ साथ थे। बताया पुलिस को उनके बहन के फटे कपड़े मिले हैं।
एक डब्बा भी मिला है, जिसमें तेजाब हो सकता है। इतना ही नहीं शव बरामद होने वाले स्थल के पास एक स्थान पर बारीकी से देखने के बाद घास तेजाब से जली हुई मिली है। भाइयों ने साफ तौर पर कहा कि उनकी बहन के साथ कई लोगों ने दरिंदगी की है।
समझ में नहीं आता कि पुलिस क्यों मामले को दूसरी दिशा में ले जाना चाहती है। आज भी उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बहन की पहचान मिटाने के लिए उस पर तेजाब फेंका गया है। उन्होंने साफ किया पुलिस की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं।