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सांसद निधि में आई ढाई करोड़ की पहली किश्त
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ज्ञानपुर। करीब पांच महीने के बाद आखिरकार सांसदों के खाते में सांसद निधि आ गई। पहली किस्त के रूप में ग्राम्य विकास विभाग को ढाई करोड़ रुपये मिले हैं। सांसद की ओर से बनाए जाने वाले प्रस्ताव पर इसी निधि से विकास कार्य कराए जाएंगे। एक वित्तीय वर्ष में सांसद को अपने जिले में विकास कार्य कराने के लिए पांच करोड़ केंद्र सरकार देती है।
केंद्र सरकार सांसदों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए देती है। यह राशि दो किस्तों में भेजी जाती है। पहली किस्त के रूप में भेजे गए ढाई करोड़ में साठ फीसदी खर्च होने के बाद दूसरी किस्त दी जाती है। जिले की बात करें तो यहां भदोही सीट पर वर्तमान में रमेश बिंद सांसद हैं। मई में चुनाव होने के बाद ग्रामीणों की ओर से सांसद को हैंडपंप, गंभीर बीमारी के उपचार से लेकर अन्य कार्यों का प्रस्ताव सौंपा है। सांसद निधि आने के बाद ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों ने विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव के आधार पर ही गांवों में विकास कार्य होंगे। परियोजना निदेशक डीआरडीए मनोज कुमार ने कहा कि वित्तीय वर्ष की सांसद निधि आ गई है। ग्राम्य विकास विभाग इस सांसद निधि से प्रस्ताव के आधार पर गांवों में विकास कार्य कराएगा। पहली किस्त के रूप में 2.50 करोड़ मिले हैं।
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केंद्र सरकार सांसदों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए देती है। यह राशि दो किस्तों में भेजी जाती है। पहली किस्त के रूप में भेजे गए ढाई करोड़ में साठ फीसदी खर्च होने के बाद दूसरी किस्त दी जाती है। जिले की बात करें तो यहां भदोही सीट पर वर्तमान में रमेश बिंद सांसद हैं। मई में चुनाव होने के बाद ग्रामीणों की ओर से सांसद को हैंडपंप, गंभीर बीमारी के उपचार से लेकर अन्य कार्यों का प्रस्ताव सौंपा है। सांसद निधि आने के बाद ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों ने विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव के आधार पर ही गांवों में विकास कार्य होंगे। परियोजना निदेशक डीआरडीए मनोज कुमार ने कहा कि वित्तीय वर्ष की सांसद निधि आ गई है। ग्राम्य विकास विभाग इस सांसद निधि से प्रस्ताव के आधार पर गांवों में विकास कार्य कराएगा। पहली किस्त के रूप में 2.50 करोड़ मिले हैं।
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