भदोही। दीपावली, भैया दूज और छठ पर पहले घर आने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी थी तो अब नौकरी पेशा, कामगारों और कालेजों में पढ़ाई करने वालों को वापस लौटने की समस्या शुरू हो गई है। मुंबई, देहरादून, सूरत, अमृतसर, हावड़ा, पुरी, चेन्नई, ग्वालियर आदि की ओर जाने वाली ट्रेनों में बर्थ खाली नहीं है। वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं की जा सकती, जिससे लोग वेटिंग टिकट भी नहीं ले रहे हैं।
जनपद के बहुत से लोग महानगरों में काम करते हैं या पढ़ाई कर रहे हैं। जब भी कोई बड़ा त्योहार आता है तो लोग परिवार संग मनाने के लिए घर चले आते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि पहले वे घर आने के लिए परेशान होते हैं और त्योहार मनाने के बाद वापस लौटने की जद्दोजहद शुरू हो जाती है। लोगों की वापसी का सिलसिला दिवाली के बाद से ही शुरू हो जाता है लेकिन कुछ लोग भैया दूज तक तो कुछ लोग छठ तक रुकते हैं। छठ पूजा बीत जाने के बाद अब टिकट के लिए मारामारी शुरू हो गई है। मोढ़ बाजार के संजय यादव बताते हैं कि जब से 60 दिन पहले टिकट निकालने की समय सीमा निर्धारित की गई है तब से और दिक्कत हो गई है। कहा कि अब तो 60 दिन पहले ही लोग टिकट करा ले रहे हैं और ट्रेन फुल हो जा रही है। बताया कि नई दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें 10 नवंबर तक फुल हैं। कुछ सीटें खाली हैं तो एसी प्रथम और द्वितीय श्रेणी में। जो हर कोई नहीं करा सकता। उधर हावड़ा की ओर जाने वाली पंजाब मेल, देहरादून को जाने वाली जनता एक्सप्रेस, पुरी की ओर जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस, मुंबई की ओर जाने वाली काशी एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, रत्नागिरी एक्सप्रेस में किसी भी श्रेणी में बर्थ खाली नहीं हैं। वहीं काजीपुर मोहल्ले के मेराज अंसारी ने बताया कि त्योहार की छुट्टी में शादी में घर आया था। अब लौटने के लिए टिकट के लिए टिकट नहीं मिल पा रहा है। कहा कि सबसे बड़ी परेशानी तो यह है कि भदोही से सूरत के लिए कोई ट्रेन नहीं है जबकि ज्ञानपुर रोड स्टेशन से सप्ताह में दो दिन ट्रेनें हैं जिनमें टिकट मिलना आसान नहीं होता।