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महिलाओं ने व्रत रख की मंगलकामना
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Mon, 23 Nov 2015 01:02 AM IST
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एकादशी पर गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। एकादशी पर धार्मिक स्थली आश्रमों और मंदिरों में विधि पूर्वक तुलसी पूजन किया गया। महिलाओं ने शाम को मंडप बनाकर तुलसी जी का शालिग्राम भगवान से विवाह कराया।
बालीपुर कागभुसुंडी मंदिर के पास काफी संख्या में महिलाओं ने जुटकर दीप जलाकर तुलसी एवं शालिग्राम का पूजन कर विवाह कराया।
आचार्य पं. दीनानाथ शुक्ला बताते हैं कि चार माह शयन के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को श्रीहरि क्षीरसागर में निंद्रा से जागते हैं। उनके जागने के बाद से नए और वैवाहिक मंगल कार्य शुरू हो जाते हैं।
द्वादशी तिथि को तुलसी एवं शालिग्राम का विवाह कार्यक्रम होता है, जो श्रद्धालु इनका विवाह कराते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार रविवार को गंगा घाटों पर लोगों ने स्नान कर पूजा अर्चना की।
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इस दौरान घाटों पर काफी भीड़ रही। इलाके के विभिन्न मंदिरों में भी लोगों ने पूजा अर्चना की।
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बालीपुर कागभुसुंडी मंदिर के पास काफी संख्या में महिलाओं ने जुटकर दीप जलाकर तुलसी एवं शालिग्राम का पूजन कर विवाह कराया।
आचार्य पं. दीनानाथ शुक्ला बताते हैं कि चार माह शयन के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को श्रीहरि क्षीरसागर में निंद्रा से जागते हैं। उनके जागने के बाद से नए और वैवाहिक मंगल कार्य शुरू हो जाते हैं।
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द्वादशी तिथि को तुलसी एवं शालिग्राम का विवाह कार्यक्रम होता है, जो श्रद्धालु इनका विवाह कराते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार रविवार को गंगा घाटों पर लोगों ने स्नान कर पूजा अर्चना की।
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इस दौरान घाटों पर काफी भीड़ रही। इलाके के विभिन्न मंदिरों में भी लोगों ने पूजा अर्चना की।