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मांगों को लेकर आशा बहुओं ने बुलंद की आवाज
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी आशा संघ के बैनर तले सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचीं आशा बहुओं ने कोरोना टीकाकरण और जननी सुरक्षा योजना के तहत किए गए कार्यों के बदले पारिश्रमिक के भुगतान की मांग उठाई। ज्ञापन देकर भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया तथा आरोपों की जांच कराकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आशा बहुएं कोरोनारोधी टीकाकरण कार्य में पूरी निष्ठा से जुटी हैं। उन्हें इसके लिए मिलने वाले एक हजार रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसी तरह जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव आदि कराने के कार्य का भी भुगतान नहीं हो रहा है। भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। आरोप लगाया कि विभाग में जाने पर कभी कंप्यूटर आपरेटर से बात करने तो कभी किसी के पास भेजकर केवल परेशान किया जाता है। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सुमन बरनवाल, झुन्नी देवी, इंद्रा देवी, मीनू गुप्ता, संतोष कुमारी, आरती गुप्ता, सत्यभामा पांडेय आदि शामिल रहीं। उधर, ज्ञानपुर से सटे चकटोडर गांव के वनवासी परिवारों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवास, शौचालय सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की आवाज उठाई। प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। शिकायत की जांच कराकर लाभ दिलाने की मांग की। वनवासियों ने कहा कि करीब 36 परिवार गांव में कई वर्ष से निवास कर रहे हैं। आज तक न तो आवास दिया गया और न ही शौचालय। आवास बनाने के लिए भूमि का आवंटन भी नहीं किया गया। इससे उन्हें सरकारी भूमि में रहना पड़ रहा है। इसी तरह शासन की अन्य लाभकारी योजनाओं, आंगनबाड़ी पर बच्चों को बंटने वाले पुष्टाहार आदि से भी वंचित रखा जा रहा है। जिलाधिकारी को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ज्ञापन भी दिया। प्रदर्शन करने में गायत्री देवी, सुनीता देवी, मीरा, मंजू, रेखा, अर्जुन आदि शामिल रहे।
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जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आशा बहुएं कोरोनारोधी टीकाकरण कार्य में पूरी निष्ठा से जुटी हैं। उन्हें इसके लिए मिलने वाले एक हजार रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसी तरह जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव आदि कराने के कार्य का भी भुगतान नहीं हो रहा है। भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। आरोप लगाया कि विभाग में जाने पर कभी कंप्यूटर आपरेटर से बात करने तो कभी किसी के पास भेजकर केवल परेशान किया जाता है। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सुमन बरनवाल, झुन्नी देवी, इंद्रा देवी, मीनू गुप्ता, संतोष कुमारी, आरती गुप्ता, सत्यभामा पांडेय आदि शामिल रहीं। उधर, ज्ञानपुर से सटे चकटोडर गांव के वनवासी परिवारों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवास, शौचालय सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की आवाज उठाई। प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। शिकायत की जांच कराकर लाभ दिलाने की मांग की। वनवासियों ने कहा कि करीब 36 परिवार गांव में कई वर्ष से निवास कर रहे हैं। आज तक न तो आवास दिया गया और न ही शौचालय। आवास बनाने के लिए भूमि का आवंटन भी नहीं किया गया। इससे उन्हें सरकारी भूमि में रहना पड़ रहा है। इसी तरह शासन की अन्य लाभकारी योजनाओं, आंगनबाड़ी पर बच्चों को बंटने वाले पुष्टाहार आदि से भी वंचित रखा जा रहा है। जिलाधिकारी को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ज्ञापन भी दिया। प्रदर्शन करने में गायत्री देवी, सुनीता देवी, मीरा, मंजू, रेखा, अर्जुन आदि शामिल रहे।
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